नई दिल्ली. तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन जारी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक सभा को संबोधित करते हुए कृषि कानूनों पर सरकार का पक्ष रखा। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि न तो MSP को खत्म किया जा रहा है और न ही APMC मंडियों को। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि सरकार को नववर्ष से पहले किसानों के मुद्दे का समाधान हो जाने की उम्मीद है और उसने गतिरोध दूर करने के लिए किसानों के विभिन्न संगठनों के साथ अपनी अनौपचारिक वार्ता जारी रखी है। इस बीच किसान आंदोलन को लगतार विभिन्न क्षेत्रों के संगठन और पेशवरों का समर्थन मिलना जारी है। किसान आंदोलन से जुड़े विभिन्न अपडेट्स आप हमारे इस पेज पर पढ़ सकेंगे।
दिल्ली यातायात पुलिस ने शनिवार को ट्विटर के जरिये बताया कि नोएडा और गाजियाबाद से आने वाले यातायात के लिए गाजीपुर बॉर्डर बंद है। यातायात पुलिस ने कहा कि दिल्ली आने वाले लोग आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा और भोपुरा बॉर्डर का वैकल्पिक मार्ग अपना सकते हैं।
यातयात पुलिस ने ट्वीट किया, “टिकरी, धनसा बॉर्डर यातायात के लिए बंद है। झटिकरा बॉर्डर से केवल दोपहिया वाहनों और पैदल चलने वालों को जाने की अनुमति है।”
दिल्ली यातायात पुलिस ने कहा कि हरियाणा जाने वाले लोगों के लिए झड़ोदा, दौराला, कापसहेड़ा, बड्डूसराय, रजोकरी एनएच 8, बिजवासन/बजघेड़ा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं। दिल्ली और नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर एकल मार्ग के यातायात के लिए खुला है। यातायात पुलिस के अनुसार नोएडा से दिल्ली का मार्ग बंद है।
यातायात पुलिस ने कहा, “सिंघू, औचंदी, पियाउ मनियारी, सभोली और मंगेश बॉर्डर बंद है। कृपया लम्पुर, सफियाबाद और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर का उपयोग करें। यातायात को मुकर्बा और जीटीके रोड से मोड़ दिया गया है।”
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह ने केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को समर्थन दिया है। सिंह, स्वतंत्रता से पहले के दौर में किसानों के हितों के लिए लड़ने वाले सर छोटू राम के पौत्र हैं। उनके बेटे बृजेंद्र भाजपा के सांसद हैं। सिंह ने कहा कि किसानों के साथ खड़े होना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसानों को इस बात का डर है कि नए कृषि कानूनों से उनकी आर्थिक अवस्था प्रभावित हो सकती है।
गौतमबुद्ध नगर जिले में डीएनडी फ्लाईवे के नजदीक दलित प्रेरणा स्थल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के पदाधिकारियों ने शनिवार को संविधान निर्माता डॉ.भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष केंद्र सरकार को सद्बुद्धि दिए जाने की प्रार्थना की। धरना स्थल पर किन्नर समाज के लोगों ने पहुंचकर किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया तथा वहां पर कृषि कानूनों के खिलाफ गाना गाकर नृत्य भी किया।
सरकार को बात करनी चाहिए, हम सरकार से बात करने के लिए कहां मना कर रहे हैं। फूड सप्लाई चेन को किसानों ने बंद नहीं किया है और न हमारी बंद करने की योजना है: राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता #FarmersProtests
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शनकारी आज 24वें दिन भी सिंघु बाॅर्डर पर डटे हुए हैं। एक 80 वर्षीय प्रदर्शनकारी रूमी राम ने बताया, "बहुत मुश्किल हो रही है लेकिन सरकार किसानों के बारे में नहीं सोच रही है।" #FarmersProtest
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी.नारायणसामी ने राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में शुक्रवार को अपना एक दिन का अनशन समाप्त होने के बाद तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ीं। अनशन कार्यक्रम का आयोजन सत्तारूढ़ कांग्रेस ने किया। मुख्यमंत्री ने इससे पहले अनशन में भाग लेने वालों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र द्वारा पारित किए गए विधयेक लोकतांत्रिक नियमों और संसद की परंपराओं के खिलाफ हैं तथा पूरी तरह से किसानों के विरुद्ध हैं, इनसे सिर्फ कॉरपोरेट को लाभ होगा।
लोकप्रिय अभिनेता सोनू सूद ने शुक्रवार को कहा कि तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की दुर्दशा देखकर उन्हें बहुत दुख हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने उनकी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जतायी। हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों के हजारों किसान दिल्ली की सीमा पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें डर है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली समाप्त हो जाएगी और उनपर बड़े कॉर्पोरेट का नियंत्रण हो जाएगा।
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