नई दिल्ली: पुलवामा आत्मघाती हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को कहा कि सीआरपीएफ काफिले से टकराने के लिए आत्मघाती हमलावर द्वारा प्रयोग की गई मारुति ईको हमले से महज 10 दिन पहले ही खरीदी गई थी। यह गाड़ी कश्मीर के अनंतनाग जिले के निवासी ने खरीदी थी, जो कथित रूप से अब जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) में शामिल हो गया है। एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमले के स्थान से आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार द्वारा प्रयोग किए गए वाहन के अवशेषों को मिलाने के बाद फॉरेंसिक और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की सहायता से मारुति ईको का जानकारी जुटाई गई।
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हमले के एक दिन बाद फॉरेंसिक व विस्फोटक विशेषज्ञों के साथ एनआईए की एक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था और जांच के लिए सामग्री जुटाई थी।
एनआईए के जम्मू एवं कश्मीर पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने से पहले ही एनआईए प्रमुख वाई.सी. मोदी ने एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया था।
एनआईए के प्रवक्ता ने कहा कि मारुति ईको को 2011 से सात बार बेचा जा चुका था। यह सबसे पहले अनंतनाग के निवासी मोहम्मद जलील अहमद हकानी के नाम पर पंजीकृत थी। उन्होंने कहा, "लेकिन, हमले से महज 10 दिन पहले चार फरवरी को इसे सज्जाद भट को बेचा गया था।"
एनआईए अधिकारियों के मुताबिक, भट शोपियां में सिराज-उल-उलूम का छात्र था।
एक अधिकारी ने कहा कि 23 फरवरी को राज्य पुलिस के साथ एनआईए की एक टीम ने उसके घर पर छापा मारा था। हालांकि वह अपने घर में नहीं पाया गया था। उन्होंने कहा कि भट अब कथित रूप से जेईएम में शामिल हो गया है।
अधिकारी ने कहा, "सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी प्रसारित हुई है, जिसमें भट हथियार पकड़े दिखाई दे रहा है।"