नई दिल्ली: बाजार की बेचैनी को शांत करने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज एक विस्तृत स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि शेयरों की खरीद-फरोख्त में दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ पर कर आरोपित करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई के कल के भाषण के संदर्भ में जेटली ने आज यहां कहा कि मोदी के भाषण की मीडिया में जो व्याख्या की गई, वह सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, मीडिया के एक हलके ने उस भाषण की गलत व्याख्या की है और उसने यह अर्थ निकालना शुरू किया कि इसमें परोक्ष रूप से प्रतिभूतियों के कारोबार में दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ पर कर आरोपित किए जा सकने का संकेत है। जेटली ने कहा, यह व्याख्या बिलकुल गलत है।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ऐसा कोई बयान नहीं दिया...इसलिए मैं यह बिलकुल स्पष्ट करना चाहता हूं कि किसी के लिए इस निष्कर्ष पर पहुंचने का कोई आधार नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री ने ऐसा कुछ नहीं कहा है और ना ही सरकार की ऐसी कोई मंशा है जैसा कि मीडिया में कहा गया है।