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पेगासस विवाद: कथित जासूसी की जांच के अनुरोध से संबंधित याचिकाओं पर सोमवार को होगी सुनवाई

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 15, 2021 09:20 pm IST,  Updated : Aug 15, 2021 09:20 pm IST

सर्वोच्च अदालत ने दस अगस्त को कथित पेगासस जासूसी की स्वतंत्र जांच का अनुरोध करने वाले कुछ याचिकाकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया पर ''समानांतर कार्यवाही और बहस'' पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि अनुशासन और न्याय प्रणाली में विश्वास होना चाहिए।

पेगासस विवाद: कथित जासूसी की जांच के अनुरोध से संबंधित याचिकाओं पर सोमवार को होगी सुनवाई- India TV Hindi
पेगासस विवाद: कथित जासूसी की जांच के अनुरोध से संबंधित याचिकाओं पर सोमवार को होगी सुनवाई Image Source : PTI FILE PHOTO

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय कथित पेगासस जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच के अनुरोध वाली विभिन्न याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करने वाला है। याचिका दायर करने वालों में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और वरिष्ठ पत्रकार एन. राम व शशि कुमार शामिल हैं। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ मामले में आगे सुनवाई करेगी।

सर्वोच्च अदालत ने दस अगस्त को कथित पेगासस जासूसी की स्वतंत्र जांच का अनुरोध करने वाले कुछ याचिकाकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया पर ''समानांतर कार्यवाही और बहस'' पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि अनुशासन और न्याय प्रणाली में विश्वास होना चाहिए।

न्यायालय ने कहा था कि पेगासस विवाद की जांच के अनुरोध वाली याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी करने के बारे में 16 अगस्त को फैसला किया जाएगा। साथ ही उसने इस बात पर जोर दिया था कि वह बहस के खिलाफ नहीं है, लेकिन जब मामला शीर्ष अदालत में लंबित है तो इस पर यहीं विचार किया जाना चाहिए।

जानिए क्या है पेगासस स्पाईवेयर?

दुनियाभर की सरकारों द्वारा 50 देशों में 50,000 से अधिक लोगों की लंबी सूची की जासूसी करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इजरायली फर्म एनएसओ की सैन्य-ग्रेड 'पेगासस स्पाइवेयर' (Pegasus Spyware) एक ऐसा स्पाईवेयर है, जो फोन या डिवाइस की जासूसी करने के काम में आता है। पेगासस एक मैलवेयर है जो आईफोन और एंड्राइड उपकरणों को प्रभावित करता है, यह अपने उपयोगकतार्ओं को संदेश, फोटो और ईमेल खींचने, कॉल रिकॉर्ड करने और माइक्रोफोन सक्रिय करने की अनुमति देता है।

पिछले महीने के आखिर में कुछ मीडिया संगठनों के अंतरराष्ट्रीय समूह ने कहा था कि भारत में इजरायल की कंपनी के पेगासस स्पाइवेयर के जरिए सैंकड़ों मोबाइल नंबर्स की संभवत: निगरानी की गई। इसमें दो मंत्री, 40 से अधिक पत्रकारों, तीन विपक्षी नेताओं के अलावा कार्यकर्ताओं के नंबर भी थे। सरकार ने पेगासस विवाद मामले में संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।

वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट है कि 189 पत्रकारों, 600 से अधिक राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों और 60 से अधिक व्यावसायिक अधिकारियों को एनएसओ समूह के क्लाइंट द्वारा लक्षित किया गया था, जिसका मुख्यालय इजराइल में है। 17 मीडिया संगठनों के 80 से अधिक पत्रकार आने वाले दिनों में सनसनीखेज खुलासे करेंगे. आक्रोश उबल रहा है, मुख्य प्रश्न स्पष्ट है कि हमारी कितनी गुप्त चीजें बिग टैक कंपनी के पास हैं? अमेरिकी खुफिया एजेंसी के पूर्व साइबर सुरक्षा इंजीनियर और अब एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में आईटी के निदेशक टिमोथी समर्स ने द वाशिंगटन पोस्ट को बताया, "यह गंदा सॉफ्टवेयर है, यह लगभग पूरी दुनिया की आबादी पर जासूसी कर सकता है।'

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