पटना: बिहार की इंटरमीडियट परीक्षा में टॉपर घोटाला विवाद के केंद्र में बने हुए बच्चा राय के कार्यालय से एक देसी पिस्तौल और पांच कारतूस जब्त किए गए हैं। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि बिशुन राय कॉलेज में बच्चा राय के कार्यालय से (मुंगेरी में बनी) एक देसी पिस्तौल और पांच कारतूस जब्त किए गए। महाराज टॉपर घोटाले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कर रहे हैं।
टॉपर घोटाले के सरगना राय को गत 11 जून को गिरफ्तार किया गया था। वह वैशाली जिले के बिशुन राय कॉलेज के सचिव सह प्राचार्य हैं। कला और विग्यान विषय में क्रमश: राज्य में पहला स्थान प्राप्त करने वाले उम्मीदवार रूबी राय और सौरभ श्रेष्ठ इसी कॉलेज के छात्र हैं।
कौन है बच्चा राय:
बच्चा राय 19 साल की उम्र में ही वीआर कॉलेज का प्रिंसिपल बन गया था। बच्चा राय का असली नाम अमित कुमार है। वह खुद भी दो बार बारहवीं में फेल हो चुका है। 1994 में उसने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी, लेकिन इसके बाद दो बार इंटर फेल हो गया। 1998 में उसने इंटर की परीक्षा फर्स्ट डिविजन से पास की और अगले ही साल 1999 में अपने पिता के कॉलेज का प्रिंसिपल बन बैठा। हालांकि विवाद के बाद वह प्रिंसिपल के पद से तब हटा दिया गया, लेकिन 2008 में फिर से कुर्सी पर जा बैठा। उसने अपने कॉलेज को टॉपर बनाने की फैक्ट्री बना लिया था। इसके एवज में वह 25000 से लेकर एक लाख रुपए तक वसूलता था।