नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोगों से भारत को शक्तिशाली और मजबूत राष्ट्र बनाने का आह्वान किया वहीं विभाजनकारी शक्तियों के खिलाफ सतर्क रहने को भी कहा। मोदी ने देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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मोदी ने एकता दौड़ (रन फॉर यूनिटी) को हरी झंडी दिखाने से पहले कहा, जब हम कश्मीर से कन्याकुमारी की यात्रा ट्रेन से करते हैं तो हमें किसी वीजा या परमिट की जरूरत नहीं होती। जब हम इस मार्ग पर पड़ने वाले सभी राज्यों से गुजरते हैं तो हम कोई कर नहीं देते। यह एक व्यक्ति की वजह से है, वह हैं सरदार पटेल, जिन्होंने इस देश के सभी राज्यों को एक किया था। पटेल ने अपनी राजनीतिक दृढ़इच्छाशक्ति से इस देश को संगठित किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा, आपको ऐसा नहीं लगता कि भारत को और अधिक शक्तिशाली और मजबूत होना चाहिए? इसके लिए पहली शर्त एकता है। जाति या वर्ग, गांव और शहर के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने लोगों से समाज को बांटने की कोशिश करने वाले तत्वों से सतर्क रहने को कहा।
उन्होंने बताया कि वह लौह पुरुष के रूप में हमेशा याद किये जाने वाले पटेल की स्मृति में देश की राजधानी में एक डिजिटल संग्रहालय राष्ट्र को समर्पित कर रहे हैं। मोदी ने कहा, यह 40-50 साल पहले बन जाना चाहिए था। इतिहास यह प्रश्न पूछेगा कि पहले ही इसका निर्माण क्यों नहीं किया गया। उन्होंने एकता दौड़ के लिए मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में जमा हुए हजारों बच्चों को एकता की शपथ भी दिलाई।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने अपने भाषण में कहा कि अगर पटेल भारत के पहले प्रधानमंत्री होते तो देश की तस्वीर कुछ और ही होती। उन्होंने कहा, आज हमें सरदार पटेल जैसे और नेताओं की जरूरत है और मुझे हमारे प्रधानमंत्री मोदी में उनके सभी गुण दिखाई देते हैं। मोदी ने प्रसिद्ध भारोत्तोलक एन कुंजारानी देवी और रियो पैरालंपिक्स के स्वर्ण पदक विजेता देवेंद्र झाजरिया के साथ रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाई।