1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. पीएम नरेंद्र मोदी ने किया संसद की नई इमारत का शिलान्यास, 2022 में बनकर होगी तैयार

पीएम नरेंद्र मोदी ने किया संसद की नई इमारत का शिलान्यास, 2022 में बनकर होगी तैयार

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 10, 2020 08:37 am IST,  Updated : Dec 10, 2020 02:49 pm IST

नए संसद भवन का निर्माण 64500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कराया जाएगा। इसका निर्माण कार्य भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ तक पूरा कर लिया जाएगा।

parliament building- India TV Hindi
पीएम मोदी रखेंगे नई संसद भवन की आधारशिला, आजादी की 75वीं सालगिरह तक बनकर हो जाएगा तैयार Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नए संसद भवन का शिलान्यास किया। चार मंजिला नए संसद भवन का निर्माण 971 करोड रुपए की अनुमानित लागत से कराए जाने का प्रस्ताव है। नए संसद भवन का निर्माण 64500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में कराया जाएगा। इसका निर्माण कार्य भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ तक पूरा कर लिया जाएगा। प्रत्येक संसद सदस्य को पुनःनिर्मित श्रम शक्ति भवन में कार्यालय के लिए 40 वर्ग मीटर स्थान उपलब्ध कराया जाएगा जिसका निर्माण 2024 तक पूरा किया जाएगा। नए संसद भवन के निर्माण का प्रस्ताव उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू एवं लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने क्रमशः राज्यसभा और लोक सभा में 5 अगस्त 2019 को किया था।

PM मोदी ने क्या कहा-

  • हम भारत के लोग मिलकर अपनी संसद के इस नए भवन को बनाएंगे और इससे सुंदर क्या होगा, इससे पवित्र क्या होगा कि जब भारत अपनी आज़ादी के 75 वर्ष का पर्व मनाए, तो उस पर्व की साक्षात प्रेरणा, हमारी संसद की नई इमारत बने: पीएम मोदी
  • मैं अपने जीवन में वो क्षण कभी नहीं भूल सकता जब 2014 में पहली बार एक सांसद के तौर पर मुझे संसद भवन में आने का अवसर मिला था। तब लोकतंत्र के इस मंदिर में कदम रखने से पहले, मैंने सिर झुकाकर, माथा टेककर लोकतंत्र के इस मंदिर को नमन किया था: पीएम मोद
  • पुराने संसद भवन ने स्वतंत्रता के बाद के भारत को दिशा दी तो नया भवन आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का गवाह बनेगा। पुराने संसद भवन में देश की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए काम हुआ, तो नए भवन में 21वीं सदी के भारत की आकांक्षाएं पूरी की जाएंगी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • भारत के लोकतंत्र में समाई शक्ति ही देश के विकास को नई ऊर्जा दे रही है, देशवासियों को नया विश्वास दे रही है। भारत में लोकतंत्र नित्य नूतन हो रहा है। भारत में हम हर चुनाव के साथ वोटर टर्नआउट को बढ़ते हुए देख रहे हैं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड करेगा निर्माण

लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि नए संसद भवन का डिजाइन अहमदाबाद के मैसर्स एचसीपी डिजाइन और मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है और इसका निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। नए भवन को सभी आधुनिक दृश्य - श्रव्य संचार सुविधाओं और डाटा नेटवर्क प्रणालियों से सुसज्जित किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान संसद के सत्रों के आयोजन में कम से कम व्यवधान हो और पर्यावरण संबंधी सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया जाये। 

संयुक्त सत्र के दौरान 1224 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था 
लोकसभा सचिवालय के मुताबिक नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी, जिसमें संयुक्त सत्र के दौरान 1224 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था भी होगी। इसी प्रकार, राज्य सभा कक्ष में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। नए संसद भवन में भारत की गौरवशाली विरासत को भी दर्शाया जाएगा। देश के कोने-कोने से आए दस्तकार और शिल्पकार अपनी कला और योगदान के माध्यम से इस भवन में सांस्कृतिक विविधता का समावेश करेंगे। नया संसद भवन अत्याधुनिक, तकनीकी सुविधाओं से युक्‍त और ऊर्जा कुशल होगा। 

नई इमारत सुरक्षा सुविधाओं से लैस होगी
मौजूदा संसद भवन से सटी त्रिकोणीय आकार की नई इमारत सुरक्षा सुविधाओं से लैस होगी। नई लोकसभा मौजूदा आकार से तीन गुना बड़ी होगी और राज्‍यसभा के आकार में भी वृद्धि की गई है। नए भवन की सज्‍जा में भारतीय संस्‍कृति, क्षेत्रीय कला, शिल्‍प और वास्‍तुकला की विविधता का समृद्ध मिलाजुला स्‍वरूप होगा। डिज़ाइन योजना में केन्‍द्रीय संवैधानिक गैलरी को स्‍थान दिया गया है। आम लोग इसे देख सकेंगे। 

 निर्माण में हरित प्रौद्योगिकी का इस्‍तेमाल 
नये संसद भवन के निर्माण में हरित प्रौद्योगिकी का इस्‍तेमाल होगा और पर्यावरण अनुकूल कार्यशैली को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे एवं आर्थिक पुनरूद्धार के द्वार खुलेंगे। इसमें उच्‍च गुणवत्‍ता वाली ध्‍वनि तथा दृश्‍य-श्रव्‍य सुविधाएं, बैठने की आरामदायक व्‍यवस्‍था, प्रभावी और समावेशी आपातकालीन निकासी की व्‍यवस्‍था होगी। इमारत उच्चतम संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का पालन करेगी, जिसमें भूकंपीय क्षेत्र 5 की आवश्यकताओं का पालन करना भी शामिल है और इसे रखरखाव तथा संचालन में आसानी होने के लिए डिजाइन किया गया है। लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, नया संसद भवन भारत के लोकतंत्र और भारतवासियों के गौरव का प्रतीक होगा जो न केवल देश के गौरवशाली इतिहास अपितु इसकी एकता और विविधता का भी परिचय देगा।

 छह एकड़ में फैला है मौजूदा संसद भवन
वर्तमान संसद भवन का निर्माण प्रसिद्ध वास्तुकार सर एडविन लुटियंस और सर हरबर्ट बेकर की निगरानी में किया गया था। इसकी आधारशिला 12 फ़रवरी 1921 को द डयूक ऑफ कनॉट ने रखी थी । भवन का उद्घाटन भारत के तत्कालीन वायसरॉय लॉर्ड इर्विन ने 18 जनवरी 1927 को किया था। वर्तमान संसद भवन एक वृहत वृत्ताकार भवन है जिसका व्यास 560 फीट है। इसकी परिधि एक तिहाई मील है और इसका क्षेत्रफल लगभग छह एकड़ है। इसके प्रथम तल के खुले बरामदे के किनारे पर क्रीम रंग के बालुई पत्थर के 144 स्तम्भ लगे हुए हैं जिनकी ऊँचाई 27 फीट है। ये स्तम्भ इस भवन को एक अनूठा आकर्षण और गरिमा प्रदान करते हैं। पूरा संसद भवन लाल बालुई पत्थर की सजावटी दीवार से घिरा हुआ है जिसमें लोहे के द्वार लगे हुए हैं। कुल मिलाकर इस भवन में 12 द्वार हैं। वर्तमान संसद भवन का निर्माण छह वर्ष में पूरा हुआ और निर्माण पर 83 लाख रुपए की लागत आयी थी। सेन्ट्रल लेजिस्लेटिव असेम्बली की पहली बैठक 19 जनवरी 1927 को संसद भवन में हुई थी। 

इनपुट-भाषा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत