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किसान आंदोलन: किसानों की बैठक से पहले अमित शाह से मिलेंगे पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 02, 2020 11:14 pm IST,  Updated : Dec 02, 2020 11:17 pm IST

कृषि कानूनों और किसान आंदोलन के मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 3 दिसंबर यानि गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।

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Home Minister Amit Shah with Punjab Chief Minister Capt Amarinder Singh Image Source : PTI FILE PHOTO

नई दिल्ली। कृषि कानूनों और किसान आंदोलन के मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 3 दिसंबर यानि गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच होने वाली मुलाकात में किसान आंदोलन और कृषि कानूनों के मुद्दे पर बात होगी। कहा जा रहा है कि पहले भी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमित शाह से मिलने का वक्त मांगा था लेकिन उस दौरान उनकी तबियत ठीक ना होने की वजह से वक्त नहीं मिल पाया था। पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह और अमित शाह की मुलाकात गुरुवार सुबह 9.30 बजे से 10 बजे के बीच होगी। कैप्टन अमरिंदर सिंह गुरुवार (3 दिसंबर) सुबह 8 बजे चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। बता दें कि, केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल जारी है। प्रदर्शन किसान नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं और इन कानूनों को काला कानून बता रहे हैं। 

संसद का विशेष सत्र बुलाएं- किसान नेता

वहीं किसान आंदोलन के बीच अब तक सरकार से किसानों की बातचीत बेनतीजा रही है। हालांकि बातचीत का दौर जारी है और अगले राउंड की बातचीत 3 दिसंबर यानि गुरुवार को होगी। बता दें कि, दिल्ली बॉर्डर पर किसान पिछले सात दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। वे नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं और केंद्र सरकार के इन कानूनों को काला कानून बता रहे हैं। किसान यूनियन के नेताओं ने कहा- केंद्र से बातचीत के लिए किसानों की छोटी कमेटी नहीं बनेगी। हम सात या दस पेज का मसौदा सरकार को भेजेंगे, सरकार नहीं मानेगी तो आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने मांग की कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर कृषि क़ानून को रद्द करे। आंदोलनकारी किसानों ने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो राष्ट्रीय राजधानी की और सड़कों को अवरुद्ध किया जाएगा। 

किसान नेताओं की बैठक में राकेश टिकैत भी हुए शामिल 

सिंधु बार्डर पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता दर्शन पाल ने आरोप लगाया कि केंद्र किसान संगठनों में फूट डालने का काम कर रहा है, लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अगर केंद्र तीनों नए कानूनों को वापस नहीं लेगा तो किसान अपनी मांगों को लेकर आगामी दिनों में और कदम उठाएंगे। संवाददाता सम्मेलन के पहले करीब 32 किसान संगठनों के नेताओं ने सिंधु बॉर्डर पर बैठक की, जिसमें भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी शामिल हुए। 

3 दिसंबर को सरकार और किसानों के बीच बनेगी बात?

सरकार और किसान यूनियन के नेताओं के बीच 3 दिसंबर (गुरुवार) को विज्ञान भवन में बैठक होगी। बैठक में वही 35 किसान नेता शामिल होंगे जो 1 दिसंबर को बैठक में शामिल थे। 

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