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जब ग्लेशियर कहर बनकर टूटा, टनल से बचकर निकले शख्स ने सुनाई आपबीती

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 08, 2021 07:55 pm IST,  Updated : Feb 08, 2021 07:55 pm IST

मुख्यमंत्री ने बताया कि 'टनल में फंसे लोग को सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास जारी हैं।' रेस्क्यू टीम टनल में फंसे कई लोगों को अभी तक सुरक्षित बाहर निकाल चुकी है। 

जब ग्लेशियर कहर बनकर टूटा, टनल से बचकर निकले शख्स ने सुनाई आपबीती- India TV Hindi
जब ग्लेशियर कहर बनकर टूटा, टनल से बचकर निकले शख्स ने सुनाई आपबीती Image Source : ANI

देहरादून: उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के बाद आई आपदा से टनल में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। तपोवन टनल में फंसे मजदूरों को बचाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। पूरे रेस्क्यू ऑपेरशन की निगरानी खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 'टनल में फंसे लोग को सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास जारी हैं।' रेस्क्यू टीम टनल में फंसे कई लोगों को अभी तक सुरक्षित बाहर निकाल चुकी है। 

टनल से बचकर निकले शख्स की आपबीती

ऐसे ही एक शख्स ने टनल में होने की अपनी आपबीती सुनाई है। शख्स ने बताया, "हम टनल के अंदर थे, जब किसी ने चिल्लाया कि बाहर निकल आओ। इससे पहले कि हम बाहर निकल पाते, पानी बहुत तेजी से टनल में घुस आया और हम फंस गए।" टनल से सुरक्षित बाहर निकले शख्स ने कहा, "हम टनल में थे, उम्मीद खो चुके थे, लेकिन ITBP ने हमें बचा लिया।"

कुल 24 लोगों के शव बरामद

बता दें कि उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के बाद आई आपदा के बाद अभी तक कुल 24 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। उत्तराखंड पुलिस ने सोमवार शाम को यह जानकारी ट्वीट कर दी। उत्तराखंड पुलिस ने ट्वीट में लिखा, "प्राकृतिक आपदा में अभी तक 24 लोगों के शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किये गए हैं।"

टनल के 130 मीटर अंदर तक पहुंची रेस्क्यू टीम

वहीं, मुख्यमंत्री रावत ने सोमवार शाम करीब 6 बजे बताया कि बचाव टीम तपोवन टनल में 130 मीटर तक रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी है और अगले 2-3 घंटे में टीम सुरंग के टी प्वाइंट तक पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि टनल में फंसे लोग को सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास जारी हैं। 

प्रभावित क्षेत्रों में मुख्यमंत्री रावत

इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर कहा था, "मैं देहरादून से प्रभावित क्षेत्रों में जा रहा हूँ और रात्रि प्रवास करूँगा। राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहे हैं और सरकार इसमें कोई भी कसर नहीं छोड़ रही है। केंद्र की हमें पूरे मदद मिल रही है। मेरा आप सभी से अनुरोध है कि इस हादसे को विकास के ख़िलाफ़ प्रॉपगैंडा का कारण ना बनाएँ।"

टनल में 30 से 40 जिंदगी फंसी हैं

बता दें कि ढाई से तीन सौ मीटर लंबी टनल में 30 से 40 जिंदगी फंसी हैं, लेकिन रेस्क्यू टीम ने उम्मीद नहीं छोड़ी है, एक-एक जिंदगी को बचाने की जंग चल रही है। सोमवार सुबह जब रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ तो सबसे मुश्किल चुनौती टनल के भीतर पहुंचने की थी क्योंकि टनल के अंदर भारी मात्रा में कीचड़ भर गया है। 

रेस्क्यू टीम की पहली बड़ी सफलता

इसके अलावा टनल में अंधेरा भी छाया हुआ था क्योंकि बिजली की सप्लाई पहले ही ठप्प हो चुकी है। लेकिन रेस्क्यू टीम को पहली बड़ी सफलता मिली है, अब टनल के अंदर लाइट फिर से चालू हो गई है। रौशनी ना होने की वजह से कल रात रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था, लेकिन आज भर रात में भी रेस्क्यू का काम जारी रहेगा।

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