नई दिल्ली: पद्म पुरस्कार से सम्मानित मशहूर मूर्तिकार राम वी सुतार का कहना है कि स्टैच्यू आफ लिबर्टी अगले दो साल में तैयार हो जाएगा। सुतार विशाल प्रतिमाओं को आकार देने के लिए जाने जाते रहे हैं और उनकी तैयार की गयी प्रतिमाएं संसद भवन के अलावा कई सार्वजनिक स्थानों पर लगायी गयी हैं।
45 फुट उंचा चंबल स्मारक बना आए थे चर्चा में,2014 में मोदी ने दी बड़ी जिम्मेदारी
सुतार मध्य प्रदेश में गांधी सागर बांध पर 45 फुट उंचे चंबल स्मारक को लेकर सुर्खियों में आए थे। 91 वर्षीय सुतार को 2014 में सरकार ने गुजरात में सरदार पटेल की एक विशाल प्रतिमा तैयार करने के लिए चुना था। इस मूर्ति को दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति बताया जा रहा है।
मोदी की परिकल्पा, मूर्तिकार सुतार का ड्रीम प्रोजेक्ट
देश के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 522 फुट उंची कांस्य प्रतिमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया पहल परिकल्पना है। सुतार ने कहा, यह प्रतिमा मेरे ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। इसकी उंचाई 522 फुट है और वजन करीब 1600 टन होगा।
स्टैच्यू आफ लिबर्टी: मेक इन इंडिया पहल
यह प्रतिमा विविधता में एकता का संकेत देती है। यह ऐसे व्यक्ति की प्रतिमा है जिन्होंने भारत को ऐसे समय एकजुट किया जब देश विभाजन की राह पर था। यह दो साल में पूरी होगी। उन्होंने उन खबरों को खारिज कर दिया कि प्रतिमा के लिए कुछ हिस्से का चीन से आयात किया गया है।
उन्होंने कहा, यह एक बड़ी प्रतिमा है, इसलिए टुकड़ों में ही तैयार किया जा सकता है। मैं इस परियोजना पर करीबी नजर रख रहा हूं और कोई भी हिस्सा चीन में तैयार नहीं हुआ है। यह पूरी तरह से है। सुतार प्रकृति को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक मानते हैं। उनका कहना है कि कभी कभी उनका कार्य उन्हें चौंका देता है।