औरंगाबाद: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर निर्माण के मामले में आचार्यो की धर्म संसद जो तय करेगी, आरएसएस उस पर अमल करेगा। उन्होंने बिहार के औरंगाबाद में बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा, "राम मंदिर का मुद्दा हिंदू भावना से जुड़ा है। इसलिए धर्म संसद जो फैसला लेगी, आरएसएस उसे स्वीकार करेगा।"
उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की देन बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति ने दुनिया को काफी कुछ दिया है, जिसमें योग भी शामिल है। योग की चर्चा करते हुए आरएसएस नेता ने कहा कि योग किसी देश या धर्म से जुड़ा हुआ नहीं है।
ये भी पढ़ें
ट्रिपल तलाक की शिकार ने वोट के बदले योगी से मांगा इंसाफ
उन्होंने कहा, "योग किसी एक धर्म से जुड़ा नहीं है। योग करने से हर धर्म से जुड़े लोगों का शरीर स्वस्थ होता है। जो भी योग करेगा, योग उसका होगा।"
सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के अनुरूप मंदिर-मस्जिद विवाद आपसी सहमति से हल करने का क्या फार्मूला हो, इस पर 30 मई से दो जून तक हरिद्वार में प्रस्तावित केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के बाद ही विहिप का रुख सामने आ सकेगा। हालांकि, मार्गदर्शक मंडल के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर एक से तीन नवंबर तक उडुपी में प्रस्तावित धर्म संसद में लगेगी।