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उत्तराखंड: यमुनोत्री धाम के पड़ाव 'स्यानाचट्टी' में धराली जैसा संकट, देखिए कैसे जलमग्न हुआ पूरा गांव

 Published : Aug 22, 2025 10:11 am IST,  Updated : Aug 22, 2025 10:11 am IST

यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी में यमुना नदी का प्रवाह रुकने से बड़ी झील बन गई है। यहां बाजार‌, स्कूल और घरो में पानी भर गया है। पुल भी आधे झील में डूब चुके हैं।

Yamunotri Dham Syana Chatti submerged- India TV Hindi
यमुनोत्री धाम का पड़ाव स्यानाचट्टी डूब रहा। Image Source : REPORTER INPUT

उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में गुरुवार को बरसाती नाले कुपडागाड़ से आए मलबे से यमुना नदी का प्रवाह रूक गया जिससे वहां झील बन गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आस-पास के मकान एवं होटल खाली करवा लिये गये हैं और वहां से 150 लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से पूरा गांव खाली कर लिया गया है लेकिन धराली जैसा संकट अब भी इस गांव में बना हुआ है। अगर यह झील टूटती है तो पूरा गांव बह जाएगा।

बड़कोट के उपजिलाधिकारी, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), पुलिस, अग्निशमन सेवा, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद हैं। 

होटल-मकान कराए खाली

गुरुवार शाम में कुपडागाड़ में आये मलबे से यमुना में झील बन गई जिससे सड़क से नीचे की ओर के सभी होटलों और मकानों में पानी भर गया। पुल के ऊपर तक पानी भर गया है। पुलिस ने बताया कि आसपास के क्षेत्रों के सभी मकानों और होटलों को खाली करवा कर वहां से 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इसके अलावा, ओजरी, पूजारगांव, पाली, खरादी तथा कुथनोर को भी सतर्क कर दिया गया है।

देखें वीडियो-

निचले इलाकों के लोगों को सचेत रहने को कहा

पुलिस ने बताया कि निचले इलाकों के सभी लोगों को सचेत रहने को कहा गया है। सभी स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि यमुना नदी के आस-पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

28 जून को भी बादल फटने से आया था भारी मलबा

इससे पहले, 28 जून की देर रात को बादल फटने से कुपड़ागाड़ से भारी मलबा आया था और यमुना नदी का प्रवाह रुक गया था जिससे यमुना नदी पर झील बन गई थी। तब भी स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी क्योंकि झील का पानी होटलों की निचली मंजिलों तक पहुंच गया था। हालांकि, कुछ दिनों बाद मशीनरी द्वारा मलबा हटाये जाने पर झील का पानी धीरे-धीरे कम हो गया था। प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि उनकी पार्टी की सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़ी है। 

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