हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस महीने के अंत में तीन दिन सार्वजनिक अवकाश का ऐलान किया है। इन तीन दिनों में सभी सरकारी और निजी संस्थान बंद रहेंगे। खास बात यह है कि इन तीन दिनों की छुट्टी के लिए किसी भी कर्मचारी की सैलरी नहीं काटी जाएगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ने 26, 28 और 30 मई को छुट्टियों की घोषणा की है। राज्य में पंचायत चुनाव के दूसरे और तीसरे चरण के लिए छुट्टियों का ऐलान किया गया है।
सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार, सभी सरकारी ऑफिस, बोर्ड, कॉर्पोरेशन, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और इंडस्ट्रियल जगहें, जिनमें इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट के तहत आने वाले भी शामिल हैं, इन तारीखों पर बंद रहेंगी। संबंधित पंचायती राज संस्थानों के संबंधित इलाकों के पास मौजूद दुकानें और कमर्शियल जगहें भी बंद रहेंगी।
इन ग्राम पंचायतों में नहीं होगी छुट्टी
नोटिफिकेशन में साफ किया गया है कि यह आदेश कुल्लू जिले के नग्गर डेवलपमेंट ब्लॉक की करजन और सोयल ग्राम पंचायतों और आनी डेवलपमेंट ब्लॉक की जबना और नमहोग ग्राम पंचायतों पर लागू नहीं होगा। इन ग्राम पंचायतों में चुनाव नहीं होंगे क्योंकि उनका कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है।
वोट डालने के लिए कैजुअल लीव भी मिलेगी
सरकारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि उन कर्मचारियों को स्पेशल कैजुअल लीव दी जा सकती है जो राज्य में अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें चुनाव में वोट देने का अधिकार है, बशर्ते वे संबंधित पीठासीन अधिकारी से एक सर्टिफिकेट दिखाएं जो यह कन्फर्म करे कि कर्मचारी ने सच में अपना वोट डाला है।
एक साथ पूरे राज्य में नहीं होगी छुट्टी
सरकार ने छुट्टियों का जो आदेश जारी किया है, वह एक साथ पूरे राज्य में लागू नहीं होगा। हर पंचायत में सिर्फ उसी दिन छुट्टी रहेगी, जिस दिन वहां मतदान होगा। अन्य दिनों में वहां सामान्य तौर पर काम जारी रहेगा। अगर किसी जगह काम करने वाले व्यक्ति की पंचायत पर दूसरे दिन चुनाव है तो वह छुट्टी लेकर वोट डालने जा सकता है, लेकिन उसे पोलिंग अधिकारी से एक प्रमाण पत्र लेना होगा कि उसने सच में वोट डाला है। यह नियम इसलिए बनाया गया है, ताकि लोग इस सुविधा का दुरुपयोग न करें।
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