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कई बड़े रक्षा सौदों को मंजूरी देने की तैयारी में भारत, S-400 और अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स पर खास नजर

 Published : Mar 27, 2026 11:21 am IST,  Updated : Mar 27, 2026 11:21 am IST

भारत में रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में बड़े रक्षा सौदों पर फैसला संभव है। S-400, BrahMos, अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स और ट्रांसपोर्ट विमानों के सौदों को लेकर इस बैठक में फैसला हो सकता है।

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ब्रह्मोस ने ऑपरेशन सिंदूर में खुद को अच्छी तरह साबित किया है। Image Source : ANI

नई दिल्ली: देश की रक्षा क्षमता को और मजबूत करने के लिए आज एक अहम बैठक होने जा रही है। रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी कि DAC शुक्रवार को कई बड़े रक्षा सौदों को मंजूरी देने की तैयारी में है। इसमें S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स और मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने का प्रस्ताव पास किया जा सकता है। इसके अलावा, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की 5 और यूनिट्स खरीदने की योजना को भी मंजूरी मिलने की संभावना है।

ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों की खरीद का प्रस्ताव

बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए स्वदेशी रिमोटली पाइलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (अनमैन्ड कॉम्बैट जेट्स) की लगभग 4 स्क्वाड्रन्स खरीदने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। ये ड्रोन लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे। सूत्रों ने बताया कि भारतीय थलसेना ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की बड़ी संख्या में खरीद का प्रस्ताव लेकर आई है। ये मिसाइल 800 किलोमीटर तक मार कर सकती है। इस प्रस्ताव पर भी आज मंजूरी मिल सकती है। बता दें कि DAC रक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च संस्था है, जो सशस्त्र बलों के लिए नए हथियार और उपकरण खरीदने के फैसले करती है।

S-400 की डिलीवरी का देश को इंतजार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होने जा रही इस बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख और रक्षा सचिव भी शामिल होंगे। S-400 सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम के मामले में, भारत पहले से ही 5 सिस्टम्स की डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना की टीम रूस में चौथी स्क्वाड्रन लेने गई हुई है। चौथा सिस्टम अप्रैल-मई में आने की उम्मीद है, जबकि पांचवां सिस्टम नवंबर-दिसंबर तक पहुंच सकता है। अब 5 अतिरिक्त यूनिट्स खरीदने का प्रस्ताव भी DAC के सामने है।

प्रोजेक्ट कुशा की 5 स्क्वाड्रन्स खरीदने की मंजूरी

इसके अलावा, एयरफोर्स को स्वदेशी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली प्रोजेक्ट कुशा की 5 स्क्वाड्रन्स खरीदने की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। यह परियोजना DRDO के नेतृत्व में चल रही है। मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम के तहत एयरफोर्स 60 विमान खरीदना चाहती है। इस टेंडर में ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर, अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन और रूसी कंपनी इल्यूशिन मुख्य दावेदार बताए जा रहे हैं। बैठक में भारतीय थलसेना के 300 स्वदेशी धनुष होवित्जर तोपखाने खरीदने के प्रस्ताव पर भी चर्चा और मंजूरी होने की संभावना है।

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