मदरसे में पूजा की घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। कर्नाटक पुलिस ने मदरसे में पूजा के मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस घटना के सिलसिलो में कुल 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मुस्लिम संगठनों ने विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया है।
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आरोपियों ने मदरसे में लगाए जय श्री राम के नारे
बदमाशों ने मदरसे में तस्वीरें भी लगाईं: शिकायतकर्ता
मस्जिद की सीढ़ियों पर जुटी हुई थी भारी भीड़
Puja in Karnataka Madrassa: कर्नाटक पुलिस ने शुक्रवार को बीदर शहर के ऐतिहासिक महमूद गवां मदरसे में पूजा करने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मुस्लिम संगठनों ने विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया है। बता दें कि इससे पहले मुस्लिम संगठनों ने पुलिस की कथित निष्क्रियता की निंदा करते हुए जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन की बात कही थी।
इस मामले में FIR में नामजद 9 आरोपियों में से मुन्ना, नरेश, यल्लालिंगा और प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद से कर्नाटक पुलिस बीदर जिले में हाई अलर्ट पर है और महमूद गवां मदरसे एवं मस्जिद के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बता दें कि घटना के वीडियो और तस्वीरों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया था। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि बीदर में दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन की शोभायात्रा में भाग लेने वाले हिंदू कार्यकर्ताओं का एक ग्रुप बुधवार की रात महमूद गवां मदरसे के अंदर घुस गया था।
मस्जिद की सीढ़ियों पर दिखी भारी भीड़
बता दें कि 1460 ईस्वी में बनाए गए महमूद गवां मदरसे को एक ‘हेरिटेज बिल्डिंग’ का दर्जा दिया गया है और इसका रखरखाव भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जाता है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने मदरसा परिसर का ताला तोड़कर 'जय श्री राम' और 'जय हिंदू राष्ट्र' के नारे लगाए और इमारत के एक कोने में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा भी की। तस्वीरों और वीडियो में मस्जिद की सीढ़ियों पर लोगों की भीड़ खड़ी दिख रही है।
‘मस्जिद को नापाक करने की कोशिश की’
घटना का विरोध करते हुए मुस्लिम संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और जुमे की नमाज के बाद भारी विरोध की चेतावनी दी थी। AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि चरमपंथियों ने गेट का ताला तोड़कर ऐतिहासिक महमूद गवां मस्जिद को नापाक करने की कोशिश की। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और बीदर पुलिस से उन्होंने पूछा, ‘आप ऐसा कैसे होने दे सकते हैं?’ उन्होंने कहा कि BJP सिर्फ मुसलमानों को नीचा दिखाने के लिए इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।
‘बदमाशों ने मदरसे में लगाई तस्वीरें’
मस्जिद समिति के सदस्य एवं शिकायतकर्ता मोहम्मद शफीउद्दीन ने कहा कि यह घटना तब हुई जब दुर्गा की प्रतिमा के विजर्सन के लिए पास से एक शोभा यात्रा निकल रही थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था, ‘आपके संज्ञान में यह भी लाया जाता है कि ये लोग देश के खिलाफ नारे लगा रहे थे और दूसरे समुदाय को भड़काने की कोशिश कर रहे थे।’ शफीउद्दीन ने आरोप लगाया कि बदमाशों ने परिसर में मूर्तियां या तस्वीरें लगाईं और वे धार्मिक एवं सरकारी स्मारकों में घुसे।