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Mizoram News: करप्शन के केस में BJP विधायक को एक साल की कैद, मामले में 12 अन्य नेता भी शामिल

 Edited By: Akash Mishra
 Published : Jul 25, 2022 09:20 pm IST,  Updated : Jul 25, 2022 09:21 pm IST

Mizoram News: स्पेशल जज वनलालेनमाविया ने तुइचांग के विधायक समेत 13 लोगों को 2013 से 2018 के बीच चकमा ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल(CADC) के 1.37 करोड़ रुपये के घोटाले के लिए एक साल की जेल की सजा सुनाई।

MLA Buddha Dhan Chakma(File Photo)- India TV Hindi
MLA Buddha Dhan Chakma(File Photo) Image Source : WIKIPEDIA

Highlights

  • स्पेशल जज वनलालेनमाविया ने तुइचांग के विधायक समेत 13 लोगों को सजा सुनाई है
  • जब यह करप्शन हुआ तो ये सभी सीएडीसी(CADC) के सदस्य थे
  • सभी पर 10-10 हजार रुपये का अदालत ने जुर्माना भी लगाया

Mizoram News​: मिजोरम में भारतीय जनता पार्टी(BJP) के इकलौते विधायक बुद्ध धान चकमा के साथ ही 12 अन्य नेताओं को करप्शन के एक मामले में एक साल की जेल की सजा सुनायी गई है। स्पेशल जज वनलालेनमाविया ने तुइचांग के विधायक समेत 13 लोगों को 2013 से 2018 के बीच चकमा ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल(CADC) के 1.37 करोड़ रुपये के घोटाले के लिए एक साल की जेल की सजा सुनाई। अदालत ने उन्हें 22 जुलाई को विकास कार्यों के लिए रखी विशेष सहायता निधि से पैसे निकालने और अपनी आधिकारिक शक्तियों का दुरुपयोग करने का दोषी ठहराया था। 

कोर्ट ने 0-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

आपको बता दें कि जब यह करप्शन हुआ तो ये सभी सीएडीसी(CADC) के सदस्य थे। अदालत ने उन पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न देने पर उन्हें 30 दिन की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने सुनवाई के तुरंत बाद ही दोषियों को जमानत पर रिहा कर दिया। उनके वकील ने याचिका दी थी कि वे इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे। 

हालही में ED ने बंगाल के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी को किया था गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीचर भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में शनिवार को पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था। ईडी ने पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया है, जिनके एक ठिकाने से 21 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है। गिरफ्तारी के कुछ देर बाद ही पार्थ चटर्जी की तबीयत बिगड़ गई।

वहीं, पार्थ चटर्जी के वकील का कहना है, हाई कोर्ट ने पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार करने का कोई निर्देश नहीं दिया था। वे बिना समन के उनके घर गए और 30 घंटे तक पूछताछ करते रहे। उन्हें 22 जुलाई को ईडी ने हिरासत में लिया था। अब उनकी हिरासत के तीन दिन पहले ही पूरे हो चुके हैं।" 

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