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नेशनल हेराल्ड से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला, ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने को लेकर कोर्ट का आदेश आज नहीं आएगा

 Reported By: Atul Bhatia Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Jul 29, 2025 12:34 pm IST,  Updated : Jul 29, 2025 12:35 pm IST

नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में आज राहुल और सोनिया गांधी समेत 7 लोगों पर राउज ऐवन्यू कोर्ट अहम फैसला नहीं सुनाएगा। अब इस मामले की सुनवाई 7 अगस्त को होगी।

Rahul Gandhi, Sonia Gandhi- India TV Hindi
सोनिया गांधी और राहुल गांधी Image Source : PTI/FILE

नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में आज राहुल गांधी, सोनिया गांधी समेत 7 लोगों पर राउज ऐवन्यू कोर्ट अहम फैसला सुनाने वाला था लेकिन अब इस पर फैसला नहीं आएगा और इस मामले में अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी। बता दें कि इस मामले में राउज ऐवन्यू कोर्ट को फैसला लेना है कि ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेना है या नहीं। अगर अदालत संज्ञान लेती है तो सभी को समन जारी करेगी। अगर ऐसा होता है तो राहुल गांधी और सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

क्या है मामला?

दरअसल सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में चार्जशीट पर संज्ञान लेने पर फैसला सुरक्षित रखा था। पिछली सुनवाई में ED ने कहा था कि यंग इंडिया मनी लांड्रिंग में शामिल थी और सिर्फ मनी लांड्रिंग कर रही है। उनका कोई चैरिटी का काम नहीं था। यंग इंडिया में दान देने वाले किसी भी शख्स को टिकट दिया जाता था। ED ने कहा कि कुछ लोगों ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के निर्देश पर चंदा दिया था। उन्हें न तो यंग इंडियन की जानकारी थी और न ही उसके उद्देश्यों की जानकारी थी।

नेशनल हेराल्ड केस क्या है?

नेशनल हेराल्ड केस एक विवादास्पद कानूनी मामला है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार और उसकी मूल कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से संबंधित है। यह मामला 2012 में तब सुर्खियों में आया जब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेताओं, विशेष रूप से सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में शिकायत दर्ज की। उन पर आरोप है कि उन्होंने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) के जरिए AJL की संपत्तियों का गलत तरीके से अधिग्रहण किया।

बता दें कि नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी, जिसे AJL द्वारा प्रकाशित किया जाता था। यह कंपनी अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड, हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज अखबार निकालती थी। 2008 में वित्तीय घाटे के कारण अखबार का प्रकाशन बंद हो गया।

नेशनल हेराल्ड केस में मुख्य विवाद AJL की संपत्तियों के यंग इंडियन को हस्तांतरण और कांग्रेस द्वारा दिए गए ऋण को लेकर है। यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से जटिल है, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क दे रहे हैं।

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