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प्रशांत नायर, अंगद प्रताप, अजित कृष्ण और शुभांशु... गगनयान के एस्ट्रोनॉट्स के नाम सामने आए

 Reported By: T Raghavan Edited By: Niraj Kumar
 Published : Feb 27, 2024 09:02 am IST,  Updated : Feb 27, 2024 12:46 pm IST

इसरो के सोलर मिशन के लिए अब गगनयान की लॉन्चिंग का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। इस बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों के नामों का खुलासा कर दिया है

गगनयान के अंतरिक्ष...- India TV Hindi
गगनयान के अंतरिक्ष यात्रियों को एस्ट्रोनॉट बैज सौंपते हुए पीएम मोदी Image Source : PTI

तिरुवनंतपुरम: भारत के स्पेस मिशन गगनयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बड़ा खुलासा किया। प्रधानमंत्री मोदी आज ने उन चार अंतरिक्ष यात्रियों का परिचय करवाया जो गगनयान के जरिए अंतरिक्ष में जाएंगे। इनका नाम ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर, अंगद प्रताप, अजित कृष्ण और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला है। साल 2018 में जब PM ने देश के पहले मानव स्पेस मिशन गगनयान की घोषणा की थी तब से लेकर अब तक इन पायलट्स की पहचान को गोपनीय रखा गया था।

चारों पायलट लगातार कर रहे ट्रेनिंग 

इसरो के सूत्रों के मुताबिक भारतीय वायु सेना में बतौर टेस्ट पायलेट सेवाएं दे रहे विंग कमांडर और ग्रुप कैप्टन पद पर सेवारत 4 लोगों का चयन इस मिशन के लिए किया गया। ये चारों इस मिशन के लिए लगातार ट्रेनिंग कर रहे हैं। ये चारों टेस्ट पायलट हैं जिन्हें इसरो ने अपने गगनयान मिशन के लिए चुना है।

विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में पीएम से मुलाकात

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तिरुवंतपुरम के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर पहुंचे जहां उन्होंने इन पायलट्स से पहली बार सार्वजनिक रूप से मुलाकात की और इन्हें अंतरिक्ष यात्री यानी एस्ट्रोनॉट्स का बैज सौंपा। 2018 में मिशन गगनयान के ऐलान के बाद सैकड़ों पायलट्स ने भारत का पहला अंतरिक्ष यात्री बनने की प्रक्रिया में भाग लिया था कई पैमानों पर उनके टेस्ट लिए गए। इस टेस्ट के बाद सितंबर 2019 में फर्स्ट  लेवल सलेक्शन पूरा हुआ। इसके बाद 12 पायलट ही इसमें जगह बना पाए।

पायलटों की रूस में भी हुई ट्रनिंग

साल 2020 की शुरुआत में इन 12 पायलट्स में से आखिरी चार का चयन किया गया, जिन्हें एस्ट्रोनॉट की ट्रेनिंग के लिए रूस भेजा गया था। हालांकि कोरोना के चलते उनकी ट्रेनिंग में देरी हुई, साल 2021 में रूस में उनकी ट्रेनिंग पूरी हुई जिसके बाद से देश की आर्म्ड फोर्सेज के साथ और इसरो के अलग अलग संस्थानों में उनकी फिजिकल और टेक्निकल ट्रेनिंग जारी है, इसरो ने बेंगलुरू में ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर भी बनाया है जहां एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग फेसेलिटी में पायलट्स स्पेशल ट्रेनिंग ले रहे हैं।

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