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इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा को 'वन वर्ल्ड वन फैमिली ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड' से किया गया सम्मानित

 Reported By: T Raghavan Edited By: Khushbu Rawal
 Published : Nov 11, 2025 07:07 pm IST,  Updated : Nov 11, 2025 09:43 pm IST

इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा ने सत्य साईं संस्थान के अलग-अलग सेवा कार्यक्रमों को बारीकी से समझा। साईश्योर मल्टी न्यूट्रिशन पाउडर के बारे में संस्थान के न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स से जानकारी ली। साथ ही श्री मधुसूदन साईं इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च का दौरा किया।

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इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा को सम्मानित किया गया। Image Source : INDIA TV

इंडिया टीवी के चेयरमैन और एडिटर इन चीफ रजत शर्मा को बेंगलुरु में वन वर्ल्ड वन फैमिली ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया। ये सम्मान उन्हें सत्य साईं ग्राम संस्थान की ओर से संस्थान प्रमुख सदगुरु श्री मधुसूदन साईं ने दिया। बता दें कि ये संस्थान आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं से प्रेरित है और उनके शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में यहां 100 दिन के वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल का आयोजन किया गया है। इसी समारोह के दौरान रजत शर्मा को सम्मानित किया गया।

श्री मधुसूदन साईं इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च का किया दौरा 

वन वर्ल्ड वन फैमेली मिशन को कामयाब बनाने के मकसद से शुरू हुए सत्य साईं ग्राम संस्थान में बच्चों के लिए पौष्टिक आहार, मुफ्त शिक्षा और सभी लिए मुफ्त इलाज का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इंडिया टीवी के चेयरमैन ने सत्य साईं संस्थान के अलग-अलग सेवा कार्यक्रमों को बारीकी से समझा। साईश्योर मल्टी न्यूट्रिशन पाउडर के बारे में संस्थान के न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स से जानकारी ली। साथ ही श्री मधुसूदन साईं इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च का दौरा किया।

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Image Source : INDIA TVवर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल में इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

MBBS की पढ़ाई और मरीजों का इलाज मुफ्त

इस संस्थान में बच्चों को MBBS की पढ़ाई बिल्कुल मुफ्त में कराई जाती है। साथ ही यहां आने वाले मरीजों का भी बिल्कुल मुफ्त इलाज किया जाता है। रजत शर्मा ने स्टेट ऑफ आर्ट मेडिकल विभागों का मुआयना किया और संस्थान की फ्री न्यूट्रिशन, फ्री एजुकेशन और फ्री हेल्थकेयर के मिशन की सराहना की।

अपने पुराने दिनों को याद कर क्या बोले रजत शर्मा?

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रजत शर्मा ने कहा, प्रशंसा के पुल पर सफलता की इमारत खड़ी नहीं होती, उसके लिए मेहनत के खंभों की जरूरत होती है। आपका ये अवार्ड मुझे वो स्तम्भ खड़े करने की शक्ति देता है। आपने फ्री एजुकेशन का प्रोग्राम शुरू किया, गरीब बच्चों को जिनके पास साधन नहीं है उन्हें शिक्षा मिले। ये बात मेरे दिल को छू गई।

अपने पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, ''मेरा बचपन ऐसा ग्लैमरस नहीं था। पुरानी दिल्ली की सब्जी मण्डी में एक गली की तीसरी मंजिल में एक कमरा था, 7 भाई, बीमार मां, पिता और बहन को मिलाकर हम 10 लोग रहते थे। घर में बिजली नहीं थी तो पढ़ने के लिए पास के रेलवे स्टेशन जाता था। घर में पानी नहीं था तो गली के नुक्कड़ में लगे नल से हम नहाते थे। पढ़ने के लिए अच्छा स्कूल अच्छे टीचर्स नहीं थे, इसीलिए जब मैंने यहां के एजुकेशन मिशन को देखा तो उसने मेरे दिल को छू लिया। बचपन में दो वक्त खाने को नहीं मिलता था कभी कभी एक वक्त का खाना भी नहीं मिलता तब उस जमाने अमेरीका से दूध के डिब्बे आते थे, लाइन में खड़े होकर उसे लेते थे और पाउडर का दूध पीते थे। जब मैंने आपके न्यूट्रिशन प्रोग्राम को देखा जिसमें आप ये प्रयास करते हैं कि बच्चों को रोज सुबह न्यूट्रिशियस फ़ूड मिले और करोडों बच्चों को ये मुफ्त में मिले तो इस प्रयास ने मेरे दिल को छू लिया।

'बचपन में इलाज के अभाव में मेरी मां को दम तोड़ते हुए देखा'

आगे उन्होंने कहा, आपने हेल्थकेयर के क्षेत्र में जो काम किया है। मैंने बचपन में इलाज के अभाव में मेरी मां को दम तोड़ते हुए देखा है, जब मैंने सुना कि यहां कोई भी आ सकता है यहां पर बिल का काउंटर नहीं है, कोई पैसा दिए बिना यहां इलाज होता है तो ये बात मेरे दिल को छू गई। आपने संस्थान नहीं इस देश के लिए रोल मॉडल खड़ा किया है, आज हॉस्पिटल शॉप्स बन गए हैं। डॉक्टर्स पैसा कमाने वाले लोग बन गए हैं। लोगों का डॉक्टर्स से भरोसा उठ रहा है लेकिन आपने फ्री मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बनाकर उस विश्वास को फिर से जगाने का प्रयास किया है ये बहुत बड़ा काम है।

आपने मरीज और डॉक्टर के बीच जो विश्वास की कमी थी उसको फिर से स्थापित करने की कोशिश की है। ये जो नींव आपने डाली है मैं चाहता हूं कि पूरे देश मे ऐसे हॉस्पिटल बने और आपके हॉस्पिटल उसके लिए रोल मॉडल बने। हमारे देश के शैक्षणिक संस्थान पैसा कमाने की जगह बन गए हैं आपने उसका एंटी थीसीस खड़ा किया है, आपने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए रोल मॉडल बनना ही चाहिए। शिक्षा, हेल्थकेयर और न्यूट्रिशन की देश को सबसे ज्यादा आवश्यकता है। ये तीनों चीजें ऐसी हैं जिनको आपने कॉमर्स से दूर रखा और फ्री कर दिया। आपने जो शुरू किया है मुझे लगता है कि 2047 तक पूरे देश में ये वातावरण बनेगा।

इस देश में आज भी भूख और गरीबी से परेशान लोग हैं। आज भी दवाई और पढ़ाई की जरूरत है, आपने जैसा रोल मॉडल खड़ा किया है, पूरे देश में इसी तरह के एजुकेशनल और फ्री मेडिकल हेल्थकेयर संस्थान बनने चाहिए। आपने एक विजन के साथ एक सपना देखा है, एक न एक दिन वो पूरे देश पूरी दुनिया का सपना होगा। आपका ये रोल मॉडल बाकी लोगों को प्रेरित कर सके, गरीब लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद हो सके मीडिया के जरिये इसे लोगों तक पहुंचाने का काम मैं करूंगा, ये मेरा वादा है।

600 बेड वाले मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण

संस्थान की ओर से रजत शर्मा को निर्माणाधीन 600 बेड वाले मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल भी दिखाया गया जिसका निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इस अस्पताल के बनने के बाद जिस किसी को भी उपचार की जरूरत होगी, उसकी गम्भीर से गम्भीर बीमारी का भी मुफ्त में इलाज सम्भव होगा।

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