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'हिंदू धर्म छोड़ चुके लोगों की घर वापसी कराएंगे', RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिलाई हिंदुत्व की शपथ

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 15, 2021 10:45 pm IST,  Updated : Dec 15, 2021 11:07 pm IST

आरएसएस प्रमुख ने शपथ दिलाते हुए कहा, "मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि किसी भी हिन्दू भाई को हिन्दू धर्म से विमुख नहीं होने दूंगा। जो भाई धर्म छोड़ कर चले गए हैं, उनकी भी घर वापसी के लिए कार्य करूंगा। उन्हें परिवार का हिस्सा बनाऊंगा।"

'हिंदू धर्म छोड़ चुके लोगों की घर वापसी कराएंगे', RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिलाई हिंदुत्व की शपथ- India TV Hindi
'हिंदू धर्म छोड़ चुके लोगों की घर वापसी कराएंगे', RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिलाई हिंदुत्व की शपथ Image Source : PTI

Highlights

  • RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिलाई हिंदुत्व की शपथ
  • उन्होंने हिन्दू धर्म छोड़ने वालों की घर वापसी का आह्वान किया
  • चित्रकूट में चल रहे तीन दिवसीय हिन्दू एकता महाकुंभ में बोले भागवत

चित्रकूट: संघप्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जो हिंदू धर्म को छोड़ चुके हैं और दूसरे धर्म में परिवर्तित हो चुके हैं उनकी घर वापसी होनी चाहिए। चित्रकूट में चल रहे तीन दिवसीय हिन्दू एकता महाकुंभ में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यह बात कही। उन्होंने हिन्दू धर्म छोड़ने वालों की घर वापसी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भय ज्यादा दिन तक बांध नहीं सकता है। अहंकार से एकता टूटती है। हम लोगों को जोड़ने के लिए काम करेंगे। महाकुंभ में शामिल हो रहे लोगों को उन्होंने इसका संकल्प भी दिलाया।

आरएसएस प्रमुख ने शपथ दिलाते हुए कहा, "मैं हिन्दू संस्कृति के धर्मयोद्धा मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की संकल्प स्थली पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर को साक्षी मानकर संकल्प लेता हूं कि मैं अपने पवित्र हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति और हिन्दू समाज के संरक्षण संवर्धन और सुरक्षा के लिए आजीवन कार्य करूंगा। मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि किसी भी हिन्दू भाई को हिन्दू धर्म से विमुख नहीं होने दूंगा। जो भाई धर्म छोड़ कर चले गए हैं, उनकी भी घर वापसी के लिए कार्य करूंगा। उन्हें परिवार का हिस्सा बनाऊंगा।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि हिन्दू बहनों की अस्मिता, सम्मान व शील की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण करूंगा। जाति, वर्ग, भाषा, पंथ के भेद से ऊपर उठ कर हिन्दू समाज को समरस सशक्त अभेद्य बनाने के लिए पूरी शक्ति से कार्य करूंगा।" मोहन भागवत ने प्रतिज्ञा लेते हुए कहा "मैं हिंदू संस्कृति का मर्यादापूर्वक सबकी राजी से संकलप लेता हूं। सर्व समाज मैं अपने पवित्र हिंदू धर्म, संस्कृति, समाज के संरक्षण, संवर्धन, सुरक्षा के लिए आजीवन कार्य करूंगा।

इसके अलावा उन्होंने देव और राक्षसों के बीच हुए द्वंद का किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी को राज्य की सत्ता देव के रास्ते पर चलने से ही मिलेगी। बिना किसी पार्टी का नाम लिए उन्होंने कई कटाक्ष किए।

(इनपुट- IANS)

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