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जेल में बंद शख्स को जमानत के बावजूद रिहा नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, यूपी सरकार को 5 लाख मुआवजा देने का आदेश

न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन और न्यायमूर्ति एनके सिंह की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह आरोपी को 5 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा दे, जिसे जमानत आदेश मिलने के बाद भी रिहा नहीं किया गया था।

Reported By : Atul Bhatia Edited By : Mangal Yadav Published : Jun 25, 2025 01:54 pm IST, Updated : Jun 25, 2025 02:02 pm IST
सुप्रीम कोर्ट - India TV Hindi
Image Source : PTI सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्लीः यूपी के गाज़ियाबाद जेल में बंद एक शख्स को ज़मानत का आदेश मिलने के बावजूद रिहा न किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को 5 लाख का अंतरिम मुआवजा आरोपी आफताब को दिए जाने का आदेश दिया है। कोर्ट के जमानत के आदेश के बाद रिहा ना किए जाने की जांच गाजियाबाद जिला जज को सौंपी है।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगी अनुपालन रिपोर्ट

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से 27 जून तक आदेश के अनुपालन (Compliance) की रिपोर्ट मांगी। सुप्रीम कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को करेगा। इस मामले की सुनवाई के दौरान डीजी जेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से जताई नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच रिपोर्ट को देखने के बाद हम तय करेंगे कि मुआवजे की राशि किसी जिम्मेदार अधिकारी से वसूली जाए या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आपने उसे कल ही रिहा कर दिया। इससे पता चलता है कि आपने हमारे आदेश की अवहेलना की। आपने उसे केवल तकनीकी आधार पर सलाखों के पीछे रखा। 

सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का दिया संकेत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच रिपोर्ट देखने दीजिए अगर किसी को दोषी पाया जाता है तो हम व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करेंगे। अगर कोई अधिकारी इसमें शामिल है तो उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने डीजी जेल से कहा कि अदालत के आदेश का कैसे पालन किया जाना चाहिए ये अपने अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बताइए। अगर अदालत के आदेश के बावजूद लोगों को सलाखों के पीछे रखा जाए तो हम क्या संदेश दे रहे हैं? 

आज वरिष्ठ अधिवक्ता और उत्तर प्रदेश की अपर महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि डीजी जेल ने मेरठ रेंज के उप महानिरीक्षक द्वारा मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जेल अधिकारियों के आचरण पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए न्यायालय ने कहा कि यह स्वतंत्रता का मामला है और वह जानना चाहेगा कि जमानत के बावजूद उस व्यक्ति को हिरासत में क्यों रखा गया।  

अवैध धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था आफताब 

बता दें कि आफताब नाम के व्यक्ति के खिलाफ अवैध धर्मांतरण के आरोप में 2024 में मुकदमा दर्ज किया गया था। 29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में उसे ज़मानत दी थी।

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