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बांदा में तापमान 48 डिग्री पार, धरती के सबसे गर्म स्थानों में से एक क्यों बना यूपी का ये शहर? जानें वजह

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : May 20, 2026 09:44 pm IST,  Updated : May 20, 2026 09:44 pm IST

यूपी के बांदा जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है और यहां का तापमान 48 डिग्री से भी ज्यादा है। यह जिला फिलहाल पृथ्वी के सबसे गर्म स्थानों में से एक बना हुआ है। जानें बांदा में इतनी भीषण गर्मी पड़ने की क्या वजह है?

बांदा में तापमान सबसे ज्यादा- India TV Hindi
बांदा में तापमान सबसे ज्यादा

भारत का सबसे गर्म शहर यूपी जिले का बांदा है, पिछले कई दिनों से इस जिले का तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा बना हुआ है। मंगलवार को बांदा में भीषण गर्मी दर्ज की गई, जो 48.2 डिग्री सेल्सियस थी। इसके साथ ही यह भारत का सबसे गर्म शहर और दुनिया के सबसे गर्म शहरों में से एक बन गया। महज दो दिन पहले, जिले में तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था , जो इस मौसम में वैश्विक स्तर पर दर्ज किए गए सबसे अधिक दिन के तापमान में से एक है। तापमान में इस खतरनाक वृद्धि ने एक बार फिर आशंका पैदा कर दी है कि बांदा जल्द ही 10 जून, 2019 को दर्ज किए गए अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड 49.2 डिग्री सेल्सियस को तोड़ सकता है।

बांदा में क्यों पड़ रही है इतनी गर्मी

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बांदा धीरे-धीरे एक ताप द्वीप में तब्दील हो रहा है, ये इंसानों की गलती का नतीजा है। यहां की घटती हरियाली, सूखती नदियां, अंधाधुंध रेत खनन और जलवायु परिवर्तन, इन सबने मिलकर बांदा को गर्म शहर बनाया है।  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बांदा और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भीषण लू की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के लखनऊ केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने कहा कि बुंदेलखंड में स्थिति कहीं अधिक गंभीर है क्योंकि यह क्षेत्र पश्चिमी विक्षोभ से काफी हद तक अप्रभावित रहा है।

बांदा की भौगोलिक स्थिति है जिम्मेदार

मोहम्मद दानिश ने कहा, "दक्षिणी उत्तर प्रदेश में इसका प्रभाव अधिक तीव्र है क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ, जिसने कई क्षेत्रों को अस्थायी राहत दी, का बुंदेलखंड पर बहुत कम प्रभाव पड़ा। उन्होंने आगे कहा, यही वजह है कि, बांदा जैसे जिले पहले से ही उच्च तापमान के साथ मौजूदा लू की चपेट में आ गए। पथरीला इलाका होने के कारण दिन के दौरान पड़ने वाली गर्मी को तेजी से गर्मी सोख लेता है और रात में इसे बहुत धीरे-धीरे छोड़ता है, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है। मौसम विभाग के अनुसार, थार रेगिस्तान से आने वाली शुष्क और कठोर पश्चिमी हवाएं गर्मी को और बढ़ा रही हैं, जिसकी वजह से रातें भी गर्म हो रही हैं।

पर्यावरण शोधकर्ताओं का कहना है कि बांदा की भौगोलिक स्थिति ने हमेशा से ही गर्मियों को भीषण बना दिया है। यह जिला अर्ध-शुष्क बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित है, जहां पथरीला इलाका, विरल वनस्पति और कम जल धारण क्षमता है। हालांकि, पिछले दो दशकों में मानवीय गतिविधियों ने इस संकट को और भी बदतर बना दिया है। बांदा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रोफेसर दिनेश साहा ने कहा कि जिले का नाजुक पारिस्थितिक संतुलन बुरी तरह से बिगड़ गया है।

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