इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में एक बुजुर्ग की जान लेने वाले बाघ की तलाश तेज कर दी गई है। यह बाघ शहर को महू कस्बे के सैन्य छावनी क्षेत्र से लेकर आस-पास के जंगल में पिछले डेढ़ महीने से घूम रहा है। बाघ ने जबसे बुजुर्ग का शिकार किया है, तब से इलाके में दहशत का माहौल है। बुजुर्ग की मौत के बावजूद विभाग ने बाघ को आदमखोर मानने से इनकार किया है। बाघ को ढूंढ़कर बचाने के लिए जारी अभियान की समीक्षा के लिए राज्य के वन मंत्री विजय शाह ने इंदौर में मंगलवार को अपने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की।
बाघ की खोज में जुटी हैं 4 टीमें
शाह ने बैठक के बाद कहा, ‘महू वन क्षेत्र में बाघ के हमले में बुजुर्ग की मौत बेहद दु:खद है। ऐसी घटना दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग की 4 टीमें इस इलाके के करीब 25 किलोमीटर के हिस्से में बाघ की रात-दिन तलाश कर रहे हैं। जंगल में कैमरे और पिंजरे भी लगाए गए हैं। बाघ का पता चलने पर उसे बेहोश कर किसी नेशनल पार्क में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।’ अधिकारियों ने बताया कि बाघ ने महू वन क्षेत्र में रविवार सुबह मलेंडी गांव में रहने वाले 60 साल के सुंदरलाल को तब अपना निवाला बना लिया था, जब वह मवेशी चराने गए थे।
CCTV में कैद हो कई थी तस्वीरें
चौहान ने बताया कि बाघ को बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है और जरूरत पड़ने पर बाघ अभ्यारण्यों के विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। बता दें कि महू कस्बे के सैन्य छावनी क्षेत्र में 7 मई की रात बाघ घूमता नजर आया था और इसका CCTV फुटेज सामने आने के बाद इलाके में बाघ की हलचल की तसदीक हुई थी। बुजुर्ग की मौत के बाद पैदा हुए दहशत के माहौल से लोगों को उबारने के लिए बाघ का पकड़ा जाना बेहद जरूरी है। (भाषा)
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