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तीस हजारी कोर्ट में कोर्ट रूम के अंदर जज के सामने मारपीट, CJI ने जताई नाराजगी, बोले- यह न्याय तंत्र के लिए खतरे की घंटी

 Reported By: Atul Bhatia, Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Feb 09, 2026 12:23 pm IST,  Updated : Feb 09, 2026 12:23 pm IST

Fight In Tis Hazari Court: तीस हजारी कोर्ट के कोर्ट रूम में वकील के साथ मारपीट की CJI ने कड़ी आलोचना की है। CJI ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब कोर्ट रूम के अंदर ही वकील सुरक्षित नहीं हैं तो यह पूरे न्याय तंत्र के लिए खतरे की घंटी है।

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तीस हजारी अदालत में कोर्ट रूम के अंदर मारपीट पर CJI सख्त। Image Source : PTI

Tis Hazari Court Fight: दिल्ली की तीस हजारी जिला अदालत में कोर्ट रूम के भीतर मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। यहां जज के सामने कोर्ट में वकील को तब पीट दिया गया, जब वह एक आरोपी का पक्ष पेश कर रहे थे। पीड़ित वकील के इस केस की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। उन्होंने CJI के सामने बताया कि जब वह एक आरोपी की ओर से पेश हो रहे थे, तब दूसरे पक्ष के वकील कुछ लोगों के साथ जबरन अदालत कक्ष में घुस आए। उस वक्त जज कोर्ट में बैठे थे, लेकिन फिर भी वकील पर हमला किया गया। वकील ने कहा कि पुलिस ने कोई मदद नहीं की।

कोर्ट में गुंडागर्दी पर CJI की सख्त टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की मेंशनिंग के दौरान CJI सूर्यकांत ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह का 'गुंडाराज' बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यह कानून के राज की सीधी नाकामी है। दोषियों पर सख्त एक्शन होगा।

CJI ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

CJI सूर्यकांत ने वकील को सलाह दी कि वह पहले दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखित शिकायत दें। साथ ही, उस शिकायत की एक प्रति उन्हें भी भेजें। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने भरोसा दिलाया कि मामला प्रशासनिक स्तर पर देखा जाएगा और जरूरी कार्रवाई होगी।

यह पूरे न्याय तंत्र के लिए खतरे की घंटी- CJI

वकील ने बताया कि यह घटना बीते 7 फरवरी की है और उस वक्त अदालत में जज समेत तमाम ज्यूडिशियल अधिकारी मौजूद थे। CJI ने साफ कहा कि अदालत परिसर में हिंसा होना बेहद गंभीर बात है। अगर कोर्ट के अंदर ही वकील सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पूरे न्याय तंत्र के लिए खतरे की घंटी है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न करे।

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