अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा में तैनाती के लिए BSF के जवानों को लाने के लिए जर्जर और गंदे डिब्बों वाली ट्रेन उपलब्ध कराने को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। इस घटना के सामने आने के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कड़ा एक्शन लिया है और चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें अलीपुरद्वार रेल डिवीजन के तीन वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर और एक कोचिंग डिपो अधिकारी शामिल हैं। रेल मंत्री ने इस मामले की जांच के आदेश भी जारी किए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ कर दिया है कि देश के सुरक्षा बलों की गरिमा सर्वोपरि है और इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स के टॉप ऑफ़िसर्स के मुताबिक, सोमवार को बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स की 13 कंपनियां अगरतला के उदयपुर, सिलचर, गुवाहाटी, और बाकी फ्रंटियर से BSF के जवानों को एक साथ हटाकर जम्मू ले जाने वाली थी। यहां से उनको अमरनाथ यात्रा की सिक्योरिटी के लिए तैनात किया जाना था। इसी दौरान जर्जर और गंदे डिब्बों वाली ट्रेन उपलब्ध कराने का मामला सामने आया।
अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू हो रही है। ये यात्रा 38 दिनों तक चलेगी और 9 अगस्त को समाप्त होगी। पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले को देखते हुए इस साल अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने यात्रा के दौरान CAPF की कुल 581 कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है। इसमें करीब 42,000 सुरक्षाकर्मी शामिल होंगे।
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