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कश्मीरी पंडितों की रक्षा करने में सरकार नाकाम, अनुच्छेद 370 हटाने से आतंकवाद नहीं रुका: कांग्रेस

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 07, 2021 11:39 pm IST,  Updated : Oct 07, 2021 11:39 pm IST

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा, हमारे कश्मीरी भाई-बहनों पर हो रहे इन हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं।

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कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों तथा अन्य समुदायों की रक्षा करने में विफल रही है। Image Source : PTI

नई दिल्ली: कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों के दौरान आतंकवादियों द्वारा 7 असैन्य नागरिकों की हत्या किए जाने को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह सरकार कश्मीरी पंडितों तथा अन्य समुदायों की रक्षा करने में विफल रही है। पार्टी ने यह दावा भी किया कि आतंकवाद न तो नोटबंदी करने से रुका था और न ही अनुच्छेद 370 हटाने से रुका है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘कश्मीर में हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। आतंकवाद ना तो नोटबंदी से रुका ना धारा 370 हटाने से, केंद्र सरकार सुरक्षा देने में पूरी तरह असफल रही है।’

‘इन हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं’

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा, ‘हमारे कश्मीरी भाई-बहनों पर हो रहे इन हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं व मृतकों के परिवारों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हैं।’ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘कश्मीर में आतंकी हमले में हुई हत्याएं बेहद दुखदायी व हृदयविदारक हैं। मोदी सरकार देश में वोट तो कश्मीरी पंडितों की रक्षा की दुहाई देकर बटोरती है पर उन्हें सुरक्षा देने में विफल साबित हुई है। पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर कब काबू पाएगी छद्म राष्ट्रवादी बीजेपी सरकार?’


‘कश्मीरी पंडितों की बात नहीं सुनी गई’
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से अफगानिस्तान में तालिबान को स्थापित करने के बाद जम्मू-कश्मीर में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए अपने प्रतिनिधि संगठनों को निर्देशित किया जा रहा है तथा आने वाले समय में पंजाब में भी छोटे हथियार पहुंचाए जाने का खतरा है। उन्होंने ट्वीट कर यह दावा भी किया, ‘गत 5 अक्टूबर को ‘कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति’ ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा को पत्र लिखकर इस तरह की सुनियोजित हत्याओं के बारे में आगाह किया था और उनसे सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी बात नहीं सुनी गई। इसका दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम हम सबके सामने है।’

‘अल्पसंख्यक समुदायों में भय का माहौल’
तिवारी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को इस संदर्भ में जम्मू-कश्मीर के प्रशासन को जरूरी कदम उठाने के लिए निर्देश देना चाहिए। जम्मू-प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रवींद्र शर्मा, महासचिव योगेश साहनी और ठाकुर मनमोहन सिंह ने एक संयुक्त बयान जारी कर कश्मीर में हुई हत्याओं की कड़ी निंदा की और कहा कि इस तरह की घटनाओं से अल्पसंख्यक समुदायों में भय का माहौल पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।


‘5 दिनों में घाटी में 7 नागरिकों की हत्या’
जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों पर बढ़े हमलों के बीच श्रीनगर के ईदगाह इलाके में बृहस्पतिवार को आतंकवादियों ने एक महिला प्रधानाध्यापक समेत सरकारी विद्यालय के 2 शिक्षकों की गोली मार कर हत्या कर दी। पिछले 5 दिनों में घाटी में 7 नागरिकों की हत्या हुई है, जिनमें से 6 की हत्या शहर में हुई है। मृतकों में से 4 लोग अल्पसंख्यक समुदाय से थे।

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