नई दिल्ली: उत्तराखंड में फ्लोर टेस्ट के नतीजे का ऐलान कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि हरीश रावत के पक्ष में 33 विधायक और बीजेपी के पक्ष में 28 विधायकों ने अपना मत दिया। कोर्ट में केंद्र सरकार ने अपने पैर पीछे खींचते हुए कहा कि राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाया जाएगा। इसी के साथ मामले का पूरा निपटारा हो गया है। कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई आगे भी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को राष्ट्रपति शासन हटाने की इजाजत दे दी है।
अटॉर्नी जनरल के इस जानकारी देने के साथ साथ ही कांग्रेस में जश्न का दौर शुरू हो गया। हरीश रावत के घर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। फ्लोर टेस्ट की औपचारिक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई। ये रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दी गई। बीजेपी के कई विधायकों के मुताबिक आंकड़ों में उनकी हार हुई है और वो आरोप लगा रहे हैं कि हरीश रावत पैसे के बल पर सरकार बनाना चाह रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मंगलवार को उत्तराखंड में फ्लोर टेस्ट हुआ था। फ्लोर टेस्ट के परिणाम और उससे जुड़े तमाम दस्तावेजों को बंद लिफाफे में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। जस्टिस दीपक मिश्रा और एसके सिंह ने तमाम दस्तावेजों का अवलोकन किया।
फ्लोर टेस्ट से जुड़े दस्तावेज मंगलवार को ही दिल्ली भेज दिए गए थे। शक्ति परीक्षण से जुड़े दस्तावेज कड़ी सुरक्षा में दिल्ली लाए गए थे। विधानसभा में छह कैमरों से बनाई गई फ्लोर टेस्ट की वीडियोग्राफी की फुटेज भी कोर्ट में पेश की गई।