Thursday, February 19, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. भाजपा सरकार के चार साल, गौरवशाली राजस्थान को मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा: गहलोत

भाजपा सरकार के चार साल, गौरवशाली राजस्थान को मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा: गहलोत

Reported by: Bhasha Published : Dec 13, 2017 02:30 pm IST, Updated : Dec 13, 2017 02:30 pm IST

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव गहलोत ने कहा कि अफसोस इस बात का है कि विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के विधायक और नेता भी ये सारी बातें कह रहे हैं।

ashok-gehlot- India TV Hindi
ashok-gehlot

जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे पर पिछले चार वर्ष के कार्यकाल में गौरवशाली राजस्थान को न केवल बर्बादी की ओर धकेलने बल्कि देश में कहीं मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ने का आरोप लगाया है। गहलोत ने राजे सरकार के चार साल के कार्यकाल पर जारी आज बयान में सवाल किया कि इन चार सालों में हुआ क्या है जिस पर राजे और भाजपा गर्व कर रही है और जश्न मना रही है? । उन्होंने कहा कि सच कड़वा होता है और उन्हें यह सच स्वीकार करना चाहिए कि इन चार सालों में राजस्थान में खूब भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद हुआ है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज दिखती नहीं है। बीमारियों से सैंकडों की संख्या में लोग मर रहे हैं, स्कूल बंद हो रहे हैं और सड़कें इस तरह की हो गयी है कि उन पर चलना मौत को दावत देना जैसा है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव गहलोत ने कहा कि अफसोस इस बात का है कि विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के विधायक और नेता भी ये सारी बातें कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सबसे आगे उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक ने राज्य सरकार के कामकाज पर जिस तरह और जितनी तीखी टिप्पणियां की, उतनी तो 70 सालों में नहीं हुई होगी। लेकिन मुख्यमंत्री हैं कि चैन की नींद सो रही हैं। उल्टे अव्यवस्थाओं से कराह रही राज्य की जनता के घावों पर नमक छिड़कने के लिये वे और भाजपा के कुछ राष्ट्रीय नेता ‘राजस्थान को अपना मॉडल स्टेट’ बता रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री जन असंतोष को जानती हैं, इसीलिए अजमेर, अलवर और माण्डलगढ उप चुनावों को लेकर अब इन क्षेत्रों में डेरा डाले हुए है, परन्तु जनता हकीकत जानती है। गहलोत ने कहा कि आज कोई तबका इस सरकार से खुश नहीं है। कर्मचारी सातवें वेतनमान को लेकर नाराज हैं। व्यापारी जीएसटी से दुखी है। युवा नौकरी के रास्ते नहीं खुलने से परेशान है। महिला घर से बाहर निकलने में डरती है। किसान अपनी उपज का वाजिब दाम नहीं मिलने से आत्महत्या कर रहा है। आमजन को बिजली मिल नहीं रही, पानी मिल नही रहा।

गहलोत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री राजनीतिक लाभ के लिये राजस्थान से जितना लगाव दिखायें और राजपूत, जाट, गुर्जर आदि जातियों को अपना बताएं लेकिन हकीकत में उन्हें किसी से भी कोई अपनापन नहीं है। यदि ऐसा होता तो बाडमेर में रिफाइनरी कब की लग गई होती और जयपुर में मेट्रो का दूसरा चरण कब का शुरू हो गया होता। इसी तरह राज्य की अन्य महत्वाकांक्षी योजनायें, भीलवाडा में मेमो कोच फैक्ट्री, कोटा-झालावाड-बारां की परबन सिंचाई एवं पेयजल योजना, डूंगरपुर-बांसवाडा-रतलाम रेल परियोजना अब तक अटकी नहीं रहती।

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement