1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. Parliament Live: लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए ​स्थगित, सदन के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन

Parliament Live: लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए ​स्थगित, सदन के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 02, 2020 07:52 am IST,  Updated : Mar 02, 2020 12:16 pm IST

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है। इस दौरान संसद में जोरदार हंगामे की आशंका जताई जा रही है।

Parliament - India TV Hindi
Parliament 

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है।  जदयू सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो को श्रद्धां​जलि देने के बाद सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। महतो बिहार के वाल्मीकि नगर से सांसद थे। उनका 28 फरवरी को निधन हो गया था। बता दें कि बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 11 फरवरी तक चला था। अब दूसरा चरण आज से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। विपक्ष की तैयारियों के बीच संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि हम मसले पर चर्चा को तैयार हैं, लेकिन अभी बजट पारित कराने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि यह संवैधानिक जिम्मेदारी है। 

वहीं कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो पार्टी, संसद के दोनों सदनों में सोमवार को कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के मुद्दे पर बहस कराने की मांग कर सकती है। इस बीच लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी कहा कि पार्टी दिल्ली के दंगों का मुद्दा संसद में जोरशोर से उठाएगी।

गृहमंत्री पर निशाना इस्तीफा मांगेगा विपक्ष 

संसद में आज विपक्षी पार्टियों के निशाने पर गृह मंत्री अमित शाह हो सकते हैं। कांग्रेस ने पिछले हफ्ते ही शाह के इस्तीफे की मांग की थी। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को कहा कि दिल्ली में हुए दंगे के मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और हिंसा की वजह पूछेगी। शाह के इस्तीफे की करते हुए चौधरी ने कहा, 'सरकार कानून-व्यवस्था बरकरार रखने में बुरी तरह नाकाम रही है। मुझे लगता है कि दंगाइयों और कुछ पुलिसकर्मियों के बीच कही न कही संबंध था, जिसके कारण जघन्य हत्याएं और आगजनी हुई जिसने पूरी दुनिया में हमारी छवि खराब की है। यह हमारे लिए बेहद चिंता का विषय है।'

सरकार ने कहा बजट पास होने दें 

बजट सत्र के पहले केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि केंद्रीय बजट को पारित कराने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि यह संवैधानिक जिम्मेदारी है। संसदीय कार्य मंत्री ने हालांकि कहा कि विपक्ष को हिंसा का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए बल्कि इस पर चर्चा होनी चाहिए कि इसकी भविष्य में पुनरावृत्ति को कैसे रोका जा सकता है । उन्होंने कहा कि हम लोग नियमों के अनुसार किसी भी मसले पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं अगर अध्यक्ष इसके लिए इजाजत देते हैं। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत