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जवाहरलाल नेहरू ने वोट बैंक की राजनीति की खातिर राम मंदिर मुद्दे को जिंदा रखा: गिरिराज सिंह

 Reported By: Bhasha
 Published : Jan 31, 2019 11:47 am IST,  Updated : Jan 31, 2019 11:47 am IST

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के मुद्दे पर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है।

Patience of Hindus should not be tested, says Union minister Giriraj Singh | PTI File- India TV Hindi
Patience of Hindus should not be tested, says Union minister Giriraj Singh | PTI File

कोलकाता: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के मुद्दे पर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। इस मुद्दे पर बोलते हुए गिरिराज ने कहा कि हिंदुओं के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिन्होंने अल्पसंख्यकों के खिलाफ असहिष्णुता का हवाला देकर राम मंदिर निर्माण का विरोध किया उन्हें पाकिस्तान जाना चाहिए और देखना चाहिए कि वहां पर कैसा लोकतंत्र है। सिंह ने दावा कि राम मंदिर मुद्दा तब ही सुलझ गया होता अगर सरदार वल्लभभाई पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री बने होते क्योंकि जवाहरलाल नेहरू ने वोट बैंक की राजनीति की खातिर इस मुद्दे को ‘जानबूझकर’ जिंदा रखा।

हिंदूवादी राग अलापने के लिए पहचाने जाने वाले भाजपा नेता ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण भाजपा के लिए कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है लेकिन इसके बजाय ‘सभी हिंदुओं के देश में रहने का एजेंडा’ है। केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए ‘छद्म धर्मनिरपेक्षों’ पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि जो देश में असहिष्णुता के बारे में चिल्ला रहे हैं वे असल में ‘असहिष्णुता का गिरोह’ है जो देश को गंदा करने की कोशिश कर रहे हैं। 

सिंह ने कहा, ‘चूंकि हम सहिष्णु हैं तो अन्य समुदाय इसका फायदा ले सकते हैं। कैसे भारत जैसे देश में जहां हिंदू बहुल है, उन्हें अपने देवताओं की प्रार्थना करने से रोका जा सकता है। अन्य समुदायों का हमें, हमारे देवताओं की प्रार्थना करने से रोकने का क्या अधिकार है? किसी भी चीज की अति खराब है लेकिन इससे हिंदुओं का धैर्य टूट सकता है। किसी को भी हिंदुओं के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए।’

राम मंदिर निर्माण के विरोध के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री ने कहा, ‘भारत ऐसा लोकतंत्र है जिसका कोई भी विरोध कर सकता है। जो छद्म धर्मनिरपेक्ष है, वे इसका विरोध कर रहे हैं, जो जेएनयू में भारत के खिलाफ नारे लगा रहे थे, वे इसका विरोध कर रहे हैं। कुछ लोग असहिष्णुता की बात कर रहे हैं, उन्हें अपनी किस्मत को धन्यवाद देना चाहिए कि भारत एक हिंदू बहुल देश है। उन्हें पाकिस्तान जाना चाहिए और देखना चाहिए कि वहां किस तरह का लोकतंत्र है।’

उन्होंने देश की आबादी पर नियंत्रण लगाने के लिए सख्त नीतियों का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘क्या वजह है कि जहां 99 फीसदी हिंदू आबादी है वहां आप सामाजिक संतुलन पाएंगे? क्या कारण है जहां मुस्लिम बहुमत में आए तो सामाजिक संतुलन टूट गया, लोगों ने डर में जीना शुरू कर दिया।’ विपक्षी एकता के बारे में सिंह ने कहा कि यह एकता नरेंद्र मोदी के भय से निकली है और उन्हें ‘पूरा विश्वास’ है कि भारतीय जनता पार्टी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी।

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