नई दिल्ली: मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की है। इस मौके पर उन्होंने विदेश नीतियों और एनएसजी जैसे मुद्दों पर सरकार का पक्ष सामने रखा।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने विश्वास जताया कि उसे परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) की सदस्यता मिल जाएगी और साथ ही स्पष्ट किया कि वह किसी अन्य देश के आवेदन का विरोध नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि भारत इस मुद्दे पर अपने आम सहमति के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ता रहेगा और साथ ही चीन का समर्थन हासिल करने का भी प्रयास करेगा।
सुषमा ने कहा, "हम चीन को भी मनाने में कामयाबी हासिल कर लेंगे।"
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत एनएसजी में प्रवेश के लिए किसी अन्य देश के आवेदन का विरोध नहीं करेगा। लेकिन, विदेश मंत्री ने साथ ही रेखांकित किया कि अंतिम निर्णय योग्यता के आधार पर होना चाहिए।
- सुषमा ने कहा, हम पठानकोट हमले पर पाकिस्तान की ओर से ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पाकिस्तान ने NIA के दौरे का प्रस्ताव खारिज नहीं किया है, कुछ और समय मांगा है।
- पाकिस्तान के साथ जटिल मुद्दे हैं जिनको हल किया जाना है। वर्तमान में दोनों देशों के नेताओं के बीच संबंधों में सहजता और सौहार्द है।
- हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि भारत इस साल एनएसजी का सदस्य बन जाए।
- पिछले दो साल में देश में 55 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ। एफडीआई में 43% की वृद्धि दर्ज की गई है।
- भारत दक्षिणी चीन सागर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है।
- विजय माल्या और ललित मोदी के प्रत्यर्पण का आग्रह ईडी से मिलने के बाद ब्रिटेन के पास भेजा जाएगा।