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कमलनाथ सरकार में ‘वंदे मातरम’ गाने की परंपरा टूटी, शिवराज ने Tweet कर कह दी यह बात

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 01, 2019 11:02 pm IST,  Updated : Jan 01, 2019 11:02 pm IST

पिछले करीब 13 साल से हर महीने के पहले कामकाजी दिन भोपाल स्थित मंत्रालय में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाने की चली आ रही परंपरा मंगलवार को टूट गई।

shivraj singh chouhan- India TV Hindi
shivraj singh chouhan

भोपाल: पिछले करीब 13 साल से हर महीने के पहले कामकाजी दिन भोपाल स्थित मंत्रालय में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाने की चली आ रही परंपरा मंगलवार को टूट गई। नए साल के पहले कार्य दिवस एक जनवरी को मंत्रालय में ‘वंदे मातरम’ नहीं गाया गया, जिस पर राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम् के कारण लोगों के हृदय में प्रज्वलित देशभक्ति की भावनाओं में नई ऊर्जा का संचार होता था। उन्होंने कहा, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस की सरकार ने यह परंपरा आज तोड़ दी। आज पहली तारीख़ को वंदे मातरम् नहीं गाया गया।

शिवराज ने ने ट्विटर पर लिखा, ''वंदे मातरम् सिर्फ़ हमारा राष्ट्रीय गीत ही नहीं परंतु राष्ट्र भक्ति का पर्याय है। वंदे मातरम् ऐसा मंत्र है जिसका उद्घोष करते हुए भारत माता के हज़ारों सपूत हँसते-हँसते फाँसी पर झूल गए थे। वंदे मातरम् ऐसा मंत्र है जिसका उद्घोष करते हुए हज़ारों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने सीने पर अंग्रेज़ों की गोलियाँ खायी थी। इसी मंत्र को जपते-जपते लाखों लोगों ने देश को आज़ाद करने में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।''

उन्होंने आगे लिखा, ''मध्यप्रदेश में वंदे मातरम् का गान हर सप्ताह कैबिनेट मीटिंग से पहले सभी मंत्रियों द्वारा किया जाता था और हर महीने की पहली तारीख़ को वल्लभ भवन के प्रांगण में वंदे मातरम् गान में सभी कर्मचारी और अधिकारी गण उपस्थित रहते थे। वंदे मातरम् के कारण लोगों के हृदय में प्रज्वलित देशभक्ति की भावनाओं में नयी ऊर्जा का संचार होता था। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस की सरकार ने यह परंपरा आज तोड़ दी। आज पहली तारीख़ को वंदे मातरम् नहीं गाया गया! कांग्रेस शायद यह भूल गई है कि सरकारें आती है, जाती है लेकिन देश और देशभक्ति से ऊपर कुछ नहीं है। मैं माँग करता हूँ कि वंदे मातरम् का गान हमेशा की तरह हर कैबिनेट की मीटिंग से पहले और हर महीने की पहली तारीख़ को हमेशा की तरह वल्लभ भवन के प्रांगण में हो।''

शिवराज ने लिखा है, ''अगर कांग्रेस को राष्ट्र गीत के शब्द नहीं आते हैं या फिर राष्ट्र गीत के गायन में शर्म आती है, तो मुझे बता दें! हर महीने की पहली तारीख़ को वल्लभ भवन के प्रांगण में जनता के साथ वंदे मातरम् मैं गाऊँगा। जय हिंद!''

विपक्षी भाजपा ने सत्ताधारी कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कांग्रेस अपने शासनकाल में प्रदेश में ‘भारत माता की जय’ बोलने पर भी तो रोक नहीं लगा देगी। भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘वंदे मातरम का आयोजन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा किया जाता था, जो कि (मुख्यमंत्री) कमलनाथ जी के पास हैं। क्या यह उनके आदेश द्वारा बंद किया गया है? उन्होंने हाल ही में कहा है कि वे किसी कार्य की आलोचना की परवाह नहीं करेंगे।’’ अग्रवाल ने आगे लिखा, ‘‘अब क्या (मध्य प्रदेश में) ‘भारत माता की जय’ बोलने पर भी रोक तो नहीं होगी?’’

मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभांशु कमल से इस पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता भूपेन्द्र गुप्ता ने इस घटना को ज्यादा तूल न देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ आज भोपाल में नहीं हैं और सुधि रंजन मोहंती ने मंगलवार को ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव का कार्यभार संभाला है, हो सकता है कि इसके चलते वंदे मातरम आज नहीं गाया गया हो। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा इस बात का बतंगड़ क्यों बना रही है? यदि यह आज नहीं गाया गया है, तो यह कल या बाद में गाया जाएगा। इसे गलत नजरिये से न देखा जाए।’’

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