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रविवार को राज्यसभा में हुए हंगामे के पीछे क्या नंबर गेम था?

 Reported By: IANS
 Published : Sep 23, 2020 01:56 pm IST,  Updated : Sep 23, 2020 01:56 pm IST

राज्यसभा में रविवार को कृषि संबंधी दो विवादास्पद विधेयकों को लेकर हुए हंगामे के पीछे कारण क्या नंबर गेम था? यदि कोई विपक्ष की बातों पर विश्वास करता है, तो ऐसा हो सकता है। हालांकि सरकार ने कहा है कि उसके पास विधेयक पास कराने के लिए जरूरी नंबर हैं। 

Rajya Sabha- India TV Hindi
रविवार को राज्यसभा में हुए हंगामे के पीछे क्या नंबर गेम था? Image Source : FILE

नई दिल्ली: राज्यसभा में रविवार को कृषि संबंधी दो विवादास्पद विधेयकों को लेकर हुए हंगामे के पीछे कारण क्या नंबर गेम था? यदि कोई विपक्ष की बातों पर विश्वास करता है, तो ऐसा हो सकता है। हालांकि सरकार ने कहा है कि उसके पास विधेयक पास कराने के लिए जरूरी नंबर हैं। हंगामे को लेकर जब सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने राज्यसभा में कहा कि सरकार के पास पर्याप्त संख्या नहीं है और इसीलिए उसने कृषि बिल पास करने में अपनी विफलता को छुपाने के लिए आराजकता पैदा की, तो इस आरोप को अस्वीकार कर दिया गया।

संसदीय मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा है कि सरकार के पास भले ही विधेयक के समर्थन में 115 सदस्य हैं फिर भी विधेयकों को पारित किया जाएगा। बदले में उन्होंने विपक्ष को ही हंगामे के लिए दोषी ठहराया।

बता दें कि रविवार को हाउस में 2 सीटें खाली होने के बाद कुल संख्या 243 थी, ऐसे में बहुमत के लिए 122 की जरूरत थी। ऐसे में कुछ सहयोगी दल जैसे बीजद, टीआरएस और एसएडी द्वारा विधेयकों का विरोध करने पर सरकार के लिए स्थिति मुश्किल हो गई थी।

बीजू जनता दल के सांसद प्रसन्ना आचार्य ने बिलों को प्रवर समिति को भेजने की मांग की, जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति ने बिलों का पूरी तरह से विरोध किया है।

इसे लेकर नंबर गेम की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी के पास 86 सदस्य, जनता दल-यूनाइटेड के 5 और नामित 3 सदस्य थे। बीपीएफ, आरपीआई, एलजेपी, पीएमके, एनपीपी, एमएनएफ, एसडीएफ और 1 निर्दलीय मिलाकर सरकार को कुल 103 सांसदों का समर्थन प्राप्त था।

लेकिन कांग्रेस के दावे के मुताबिक विपक्ष के पास 107 विधायक थे। इसमें कांग्रेस के 40, आप के 3, टीएमसी के 13, बीएसपी के 4, एसपी के 8, वाम दल के 6, डीएमके के 7 हैं। इसके अलावा राजद, राकांपा और एसएडी और अन्य क्षेत्रीय दलों के सदस्य भी हैं।

ऐसे में इन विधेयकों के पारित होने के लिए गैर-एनडीए और गैर-यूपीए पार्टियां महत्वपूर्ण थीं। इनमें बीजेडी के 9 और टीआरएस के 7 सदस्य हैं। इसमें वाईएसआरसीपी और एआईएडीएमके आदि के सदस्य भी शामिल हैं। सत्तारूढ़ दल ने कहा कि कई विपक्षी सांसद उपस्थिति में नहीं थे और इसलिए सरकार को विधेयकों को पारित करना पड़ा। लेकिन विपक्ष ने कहा कि बीजद, टीआरएस और 19 सदस्यों वाले अकाली दल ने कृषि विधेयकों को रोक दिया है।

बता दें कि रविवार को उच्च सदन में जमकर हंगामा हुआ था, जिसके चलते सभापति एम. वेंकैया नायडू ने 8 सदस्यों को निलंबित कर दिया था।

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