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नीतीश के यूपी से चुनाव लड़ने की अकटलें तेज, बिहार में राजनीतिक बयानबाजी शुरू

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : Aug 04, 2023 09:16 am IST,  Updated : Aug 04, 2023 03:07 pm IST

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित उत्तर प्रदेश से लोकसभा चुनाव लड़ने की ताजा अटकलों को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ महागठबंधन और यहां के विपक्षी दल के बीच राजनीतिक तकरार शुरू हो गई है।

नीतीश कुमार- India TV Hindi
नीतीश कुमार Image Source : फाइल फोटो

 पटना :  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उत्तर प्रदेश के फूलपुर लोकसभा सीट से अगला आम चुनाव लड़ेंगे? इस सवाल पर आजकल सत्ता के गलियारों में चर्चा काफी तेज है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि नीतीश यूपी से अगला लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। ताजा अटकलों को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ महागठबंधन और यहां के विपक्षी दल के बीच राजनीतिक तकरार शुरू हो गई है। बिहार के मंत्री और उत्तर प्रदेश के लिए जनता दल (यूनाइटेड) (जद-यू) के प्रभारी श्रवण कुमार के हाल में कहा था कि ऐसी ‘‘मांगें’’ उठ रही हैं कि पार्टी प्रमुख पड़ोसी राज्य से चुनाव मैदान में उतरें। इसके बाद कुमार के उत्तर प्रदेश से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गईं। 

लोग चाहते हैं कि नीतीश यूपी से चुनाव लड़ें

श्रवण कुमार ने बुधवार को कहा, ‘‘मैं हाल में जौनपुर में था और वहां बहुत मांग थी कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से लोकसभा चुनाव लड़ने पर विचार करें।’’ कैबिनेट के सबसे वरिष्ठ सदस्य और पूर्व राज्य जदयू अध्यक्ष बिजेंद्र यादव ने पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि कई अन्य राज्यों में हमारी इकाइयां चाहती हैं कि मुख्यमंत्री वहां से चुनाव लड़ें। बेशक, इस बारे में पार्टी नेता को निर्णय लेना है।’’ 

एनडीए को हराने की मुहिम में जुटे हैं नीतीश

नीतीश ने पिछले साल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़ लिया था और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को हराने की मुहिम में लगे हुए हैं। उनके बारे में अटकलें जोरों पर हैं कि वह पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की सीट के रूप में प्रसिद्ध फूलपुर से चुनाव लड़ सकते हैं। यह संसदीय सीट के तहत प्रयागराज शहर का एक बड़ा हिस्सा आता है और वहां कुर्मी जाति की एक बड़ी आबादी है, जिससे कुमार संबंधित हैं और यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी से लगभग 100 किलोमीटर दूर है। 

श्रवण कुमार ने कहा, ‘‘यह सिर्फ फूलपुर नहीं है। हाल में उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान मुझे एहसास हुआ कि फतेहपुर और प्रतापगढ़ समेत कई अन्य सीटें हैं, जहां हमारी पार्टी चाहती है कि मुख्यमंत्री लड़ें। उन्हें लगता है कि इससे माहौल बनेगा।’’ बिहार में जदयू की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता शक्ति यादव से जब यह पूछा गया कि वह नीतीश के उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने के बारे में क्या सोचते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर उस राज्य के लोग चाहते हैं, तो उन्हें ऐसा करना चाहिए। यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि हमारे नेता की लोकप्रियता बिहार की सीमाओं से परे है।’’ 

आखिरी बार 1984 में कांग्रेस को मिली थी सफलता

फूलपुर सीट का नेहरू से जुड़ाव रहा है और उनकी मृत्यु के बाद विजय लक्ष्मी पंडित ने यहां से जीत दर्ज की थी लेकिन अब फूलपुर कांग्रेस की पकड़ से निकल चुकी है और आखिरी बार 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या से उत्पन्न लहर के समय पार्टी ने इस सीट से जीत हासिल की थी। बिहार में जदयू की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी कांग्रेस के बिहार विधानसभा में विधायक दल के नेता शकील अहमद खान से नीतीश के फूलपुर से चुनाव लड़ने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘क्यों नहीं? जब गुजरात का कोई व्यक्ति वाराणसी से चुनाव लड़ सकता है और जीत सकता है, तो हम उत्तर प्रदेश के बहुत करीब हैं।’’ 

नीतीश के उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ने की चर्चा से नाराज दिख रही भाजपा के नेताओं ने इसे लेकर जदयू के शीर्ष नेता पर निशाना साधा। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा और भाजपा की बिहार इकाई के प्रमुख सम्राट चौधरी ने अलग-अलग कड़े शब्दों में बयान दिए और आरोप लगाया कि नीतीश अपने घरेलू क्षेत्र में अपनी लोकप्रियता खो चुके हैं और अगर वह पड़ोसी राज्य में जाते हैं तो उन्हें अपमान का सामना करना पड़ेगा। भाजपा के दोनों नेताओं ने नीतीश की पार्टी जदयू पर फूलपुर के ‘‘जातीय अंकगणित’’ के दृष्टिकोण से सोचने का भी आरोप लगाया। (इनपुट-भाषा)

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