नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में चुनाव सुधार या एसआईआर पर चर्चा कराने की विपक्ष की मांग सरकार ने मान ली है। इस विषय पर मंगलवार 9 दिसंबर को चर्चा होगी। वहीं वंदेमातरम् पर संसद में सोमवार 8 दिसंबर को चर्चा होगी। वंदेमातरम् पर चर्चा की शुरुआत पीएम मोदी करेंगे। दोनों चर्चाओं के लिए 10 घंटे का वक्त तय किया गया है। 10 दिसंबर को चुनाव सुधार पर चर्चा का जवाब केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल देंगे। ये दोनों विषय ऐसे हैं जिस पर होनेवाली बहस राजनीतिक तापमान को बढ़ा सकते हैं। सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-विचार को मजबूती से रखेंगे।
बिजनेस एडवाइजरी काउंसिल की मीटिंग में क्या हुआ?
कांग्रेस के सांसद के सुरेश ने बिजनेस एडवाइजरी काउंसिल की मीटिंग के बाद बताया कि हमने चुनाव सुधारों पर चर्चा का मामला उठाया। सरकार इस विषय पर चर्चा कराने के लिए तैयार हो गई है। वंदेमातरम् पर भी सदन में चर्चा होगी। सोमवार (8 दिसंबर) सुबह 11 बजे से वंदे मातरम् पर चर्चा होगी जबकि मंगलवार (9 दिसंबर) और बुधवार (10 दिसंबर) को चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी। दोनों चर्चा के लिए 10-10 घंटे का वक्त तय किया गया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बुधवार, 10 दिसंबर को इसका जवाब देंगे।
एसआईआर पर चर्चा को लेकर संसद में हंगामा
बता दें कि एसआईआर के मुद्दे पर सदन में पिछले दो दिनों में जबरदस्त हंगामा हुआ। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, हालांकि उन्होंने इसकी समयसीमा तय करने से इनकार कर दिया था। वहीं विपक्षी दलों ने मांग की कि एसआईआर पर चर्चा को अन्य कार्यों की तुलना में प्राथमिकता दी जाए। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और माकपा के नेताओं ने मंगलवार को रीजीजू से मुलाकात कर एसआईआर पर तत्काल चर्चा की मांग रखी थी। उन्होंने मांग की कि सरकार को सदन में चुनाव सुधारों पर चर्चा का समय घोषित करना चाहिए।
राज्यसभा में संसदीय मंत्री रीजीजू ने कहा, ‘‘वंदे मातरम् हमारे स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा विषय है। चुनाव सुधार संबंधी मुद्दे भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। और भी मुद्दे हैं जो सदन में पार्टियां उठाना चाहेंगी, लेकिन विपक्ष ने एकजुट होकर एक मुद्दा उठाया है, इसलिए सरकार चर्चा को तैयार है। परंतु इसे वंदे मातरम् पर चर्चा से पहले लेना उचित नहीं होगा।’’ इसपर तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि 14 से अधिक विपक्षी दल इस मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं, क्योंकि एसआईआर की वजह से लोग मर रहे हैं।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कई दलों ने नियम 267 के तहत इस मुद्दे पर चर्चा का नोटिस दिया है, जिसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘नियम 267 के तहत नोटिस देने पर किसी विषय पर चर्चा के लिए अन्य सभी कार्य स्थगित कर देने की व्यवस्था है। यदि प्राथमिकता नहीं दी जाएगी तो इस नियम का कोई अर्थ नहीं बचता।’’ उन्होंने कहा ‘‘अन्य कामकाज छोड़ कर सदन में नियम 267 के तहत एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा की जानी चाहिए। आप हमें नियम 267 के तहत चर्चा की अनुमति दीजिये।’’ खरगे ने कहा, ‘‘वंदे मातरम् हमारी तरफ से आया है, उनसे नहीं।” इस पर सभापति सी.पी.राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘वंदे मातरम् सभी का है।’’