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'वाह रे कांग्रेस, सीताराम केसरी जी के बाद खरगे जी'; वायरल वीडियो पर गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Oct 24, 2024 12:43 pm IST,  Updated : Oct 24, 2024 06:25 pm IST

गिरिराज सिंह ने अपनी पोस्ट में सीताराम केसरी का जिक्र किया है, जिन्हें 1998 में जबरन कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया गया था। इस दौरान उनकी बहुत बेज्जती की गई थी।

Kharge girirraj- India TV Hindi
मल्लिकार्जुन खरगे (बाएं) गिरिराज सिंह (दाएं) Image Source : PTI/X-GIRIRRAJ

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के वायरल वीडियो पर बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सीता राम केसरी के बाद मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कांग्रेस ने अपमानजनक व्यवहार किया है। इस घटना को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए निशाना साधा। गिरिराज सिंह ने खरगे का वीडियो शेयर करते हुए लिखा "वाह रे कांग्रेस, सीताराम केसरी जी के बाद खरगे जी।" 

वायरल वीडियो वायनाड के कलेक्टर ऑफिस का है। यहां प्रियंका गांधी नामांकन के लिए पहुंची थीं। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता थे। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी उनके साथ पहुंचे थे। हालांकि, नामांकन के दौरान खरगे को कलेक्टर के कमरे के अंदर नहीं घुसने दिया गया। वह दरवाजे के बाहर से झांक रहे थे। इसी दौरान किसी ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो वायरल हो रहा है। 

खरगे की घटना को सीता राम केसरी से क्यों जोड़ रहे गिरिराज

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और वह दिग्गज दलित नेता भी हैं। इससे पहले सीता राम केसरी कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं, जो स्वतंत्रता सेनानी और दिग्गज दलित नेता थे। उनके कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनने के बाद लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। ऐसे में सभी बड़े नेताओं ने उनसे यह पद छोड़ने की मांग की थी। सभी नेता चाहते थे कि सोनिया गांधी यह जिम्मेदारी लें। हालांकि, सीता राम केसरी ने यह पद छोड़ने से मना कर दिया था। 1998 में उन्हें बहुत बेइज्जत करके अध्यक्ष के पद से हटाया गया था। कहा जाता है कि कांग्रेस कार्यालय में नारों के बीच उन्हें अपशब्द भी कहे गए थे। इसके बाद सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनीं थीं और आधिकारिक पत्र में पद छोड़ने के लिए सीता राम केसरी की खूब सराहना की गई थी।

बीजेपी साध रही निशाना

भारतीय जनता पार्टी खरगे की घटना को सीता राम केसरी से जोड़कर गांधी परिवार पर निशाना साध रही है। बीजेपी का कहना है कि खरगे गांधी परिवार से नहीं हैं, इस वजह से उन्हें पार्टी का अध्यक्ष होने के बावजूद कमरे के अंदर नहीं जाने दिया गया। वहीं, कुछ नेताओं का कहना है कि कांग्रेस हमेशा से ही दलित नेताओं का अपमान करती रही है। सीता राम केसरी के बार खरगे के साथ अपमानजनक व्यवहार हो रहा है।

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