लखनऊ: सोमवार को देश की 4 लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इन सीटों में उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा और नूरपूर विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। आमतौर पर सारी सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण जा रहा है लेकिन कैराना और नूरपुर में खराब EVM मशीनों ने राजनीति में उबाल ला दिया है। सोमवार सुबह कैराना और नूरपुर में मतदान के दौरान कई बूथों से EVM में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लड़ रहे 'संयुक्त विपक्ष' के नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
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कैराना से राष्ट्रीय लोकदल की उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि दलित और मुस्लिम बहुल इलाकों में खराब EVM मशीनों को बदला नहीं जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग में इस मामले की शिकायत भी दर्ज कराई है। तबस्सुम के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने कहा है कि गोरखपुर और फूलपुर में हार का बदला लेने के लिए बीजेपी किसी भी हद तक जा सकती है और यही वजह है कि वह EVM में छेड़छाड़ कर रही है।
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि नूरपुर में 140 EVM मशीनों के खराब होने की खबर आ रही है और इसी तरह की खबरें कैराना से भी आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन मशीनों के साथ छेड़छाड़ की गई है, क्योंकि बीजेपी किसी भी कीमत पर फूलपुर और गोरखपुर की हार का बदला लेना चाहती है। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक ट्वीट कर कहा है, 'हजारों EVM में खराबी की शिकायतें आ रही हैं। किसान, मजदूर, महिलाएं व नौजवान भरी धूप में अपनी बारी के इंतजार में भूखे-प्यासे खड़े हैं। ये तकनीकी खराबी है या चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साजिश। इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जाएगी।'