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जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने वक्फ संशोधन विधेयक का किया विरोध, कहा- यह धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप

 Published : Apr 02, 2025 11:02 pm IST,  Updated : Apr 02, 2025 11:02 pm IST

जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों ने लोकसभा में पेश हुए वक्फ संशोध बिल का विरोध किया। राजनीतिक दलों ने दावा किया कि यह मुसलमानों को कमजोर करने का प्रयास है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती- India TV Hindi
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती Image Source : PTI (FILE)

वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा में पेश किए जाने के बाद से इस पर लगातार जोरदार बहस चल रही है। विपक्षी दल इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इस बीच जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों ने भी बुधवार को वक्फ अधिनियम संशोधन के लिए लोकसभा में पेश विधेयक का विरोध किया। विरोध करते हुए उन्होंने दावा किया कि यह धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप और मुसलमानों को कमजोर करने की कोशिश है। बता दें कि केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को लोकसभा मे पेश किया। 

सरकार के मुताबिक इस बिल का मकसद वक्फ संपत्तियों के कामकाज में सुधार, जटिलताओं को दूर करना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और प्रौद्योगिकी-संचालित मैनेजमेंट शुरू करना है। हालांकि विपक्षी दलों ने इसे "असंवैधानिक" और मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ बताया है। 

'विधेयक मुसलमानों को कमजोर करने के लिए लाया गया'

पीडीपी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा, "यह विधेयक मुसलमानों को कमजोर करने के लिए लाया गया है। मुझे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि हम पिछले 10-11 वर्षों से देख रहे हैं कि किस तरह मुसलमानों को मारा जा रहा है और मस्जिदें गिराई जा रही हैं लेकिन हिंदू भाइयों को आगे आना चाहिए क्योंकि यह गांधी का देश है, इसे संविधान के हिसाब से चलना चाहिए।"

पूर्व सीएम ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष ताकतों को देश को दूसरा म्यांमा बनने से रोकने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि वे (हिंदुओं को) यहां एक और म्यांमा नहीं चाहते, अगर वे नहीं चाहते कि मुसलमानों के साथ भी वही हो जो कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ, तो उन्हें ऐसा करना होगा।"

'यह एक और दक्षिणपंथी अतिक्रमण है'

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने भी वक्फ संशोधन बिल का विरोध किया। लोन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट किया,  जिसमें उन्होंने कहा, "संसद द्वारा प्रस्तावित संशोधन हमारी आस्था में एक स्पष्ट हस्तक्षेप है, जिसका उद्देश्य सही संरक्षकों को उनके अधिकारों से वंचित करना है। यह एक और दक्षिणपंथी अतिक्रमण है।"

'हर धर्म की एक धर्मार्थ शाखा होती है और हमारे लिए वह वक्फ है'

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा था कि उनकी पार्टी इन संशोधनों का समर्थन नहीं करेगी, क्योंकि "केवल एक धर्म को निशाना बनाया जा रहा है।" उन्होंने कहा, "मैंने यह भी कहा है कि हर धर्म की अपनी संस्थाएं होती हैं और हर धर्म की एक धर्मार्थ शाखा होती है और हमारे लिए वह वक्फ है।" (इनपुट- पीटीआई)

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