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हिंदी, अंग्रेजी में परीक्षा को लेकर रास में भारी हंगामा, सरकार ने की पेपर रद्द करने की घोषणा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 16, 2019 04:40 pm IST,  Updated : Jul 16, 2019 04:40 pm IST

डाक विभाग की पिछले सप्ताह हुयी एक परीक्षा का माध्यम केवल हिंदी और अंग्रेजी रखने के विरोध में मंगलवार को राज्यसभा में अन्नाद्रमुक, द्रमुक सहित कई दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुयी।

exam cancelled by central government- India TV Hindi
exam cancelled by central government

नयी दिल्ली। डाक विभाग की पिछले सप्ताह हुयी एक परीक्षा का माध्यम केवल हिंदी और अंग्रेजी रखने के विरोध में मंगलवार को राज्यसभा में अन्नाद्रमुक, द्रमुक सहित कई दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुयी। हालांकि बाद में सरकार द्वारा इस परीक्षा को रद्द करने और विभिन्न भारतीय भाषाओं में नए सिरे से परीक्षा कराने की घोषणा के बाद सदन में सामान्य तरीके से कामकाज होने लगा। इस मुद्दे पर चार बार के स्थगन के बाद फिर शुरू हुयी बैठक में संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सदन में घोषणा की कि 14 जुलाई को हुयी परीक्षा रद्द कर दी गयी है और नए सिरे से होने वाली परीक्षा तमिल सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं में होगी। 

विभिन्न दलों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही भोजनावकाश के पहले पूरी तरह से बाधित रही। भोजनावकाश के बाद भी हंगामे के कारण एक बार सदन की बैठक आधे घंटे के लिए स्थगित की गयी।इसके बाद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर गौर किया और 14 जुलाई को डाक विभाग के लिए हुयी परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आगे नए सिरे से होने वाली परीक्षा सभी क्षेत्रीय भाषाओं में होगी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी नीत सरकार तमिल सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान करती है। उनकी इस घोषणा के बाद अन्नाद्रमुक नेता नवनीत कृष्णन और वी मैत्रेयन, माकपा नेता टी रंगराजन, द्रमुक नेता टी शिवा, भाकपा नेता डी राजा और कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, भाजपा नेता भूपेंद्र यादव, सपा नेता रामगोपाल यादव आदि ने सरकार को यह संवेदनशील मुद्दा सुलझाने के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि रामगोपाल यादव ने मांग की कि भोजपुरी भाषा को आधिकारिक भाषा की सूची में शामिल किया जाए। 

इसके बाद सदन में सुचारू रूप से कामकाज हुआ। उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर हंगामे के कारण सुबह शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं चल पाए थे। सुबह बैठक शुरू होते ही अन्नाद्रमुक, द्रमुक, भाकपा और माकपा सदस्यों ने तमिलनाडु में डाकिया और अन्य पदों के लिए हुयी डाक विभाग की परीक्षा रद्द करने की मांग की। इन सदस्यों ने कहा कि यह परीक्षा नए सिरे से ली जानी चाहिए जिसमें प्रश्न हिंदी, अंग्रेजी के साथ साथ तमिल में भी पूछे जाने चाहिए। सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने और शून्यकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदस्य सरकार को अपनी मांग पर जवाब देने के लिए आदेश नहीं दे सकते। ‘‘नियमों में ऐसा नहीं कहा गया है। मैं आदेश नहीं दे सकता, यह उचित नहीं है।’’ बाद में प्रश्नकाल में भी यही नजारा देखने को मिला और विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करते रहे। 

 

 

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