होली का त्योहार जितना रंगों से भरा और खुशियों से सराबोर होता है, उतना ही यह हमारे नाखूनों और त्वचा के लिए परेशानी भी खड़ी कर सकता है। अक्सर रंग खेलते समय नेल पॉलिश हट चुकी होती है या नाखून खुले रहते हैं, जिससे केमिकल युक्त रंग नाखूनों के अंदर तक समा जाते हैं। परिणामस्वरूप नाखून पीले, नीले या हरे दिखाई देने लगते हैं और कई बार इन्हें साफ करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से इन जिद्दी दागों को काफी हद तक हल्का किया जा सकता है।
नाखून से रंगों के ज़िद्दी दाग को कैसे निकालें?
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हल्के गुनगुने पानी से करें साफ: नाखूनों पर लगे रंग को तुरंत साफ करना ज्यादा आसान होता है। अगर रंग ताजा है तो हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा सा माइल्ड साबुन मिलाकर हाथों को कुछ देर भिगो लें। इससे रंग थोड़ा ढीला पड़ जाता है और ब्रश या पुराने टूथब्रश की मदद से हल्के हाथों से रगड़ने पर दाग कम होने लगता है।
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नींबू का रस: अगर रंग सूखकर जिद्दी दाग में बदल गया है, तो नींबू का रस कारगर साबित हो सकता है। नींबू में मौजूद प्राकृतिक ब्लीचिंग गुण नाखूनों की ऊपरी परत पर जमे रंग को हल्का करने में मदद करते हैं। आप सीधे नाखूनों पर नींबू रगड़ सकते हैं या फिर नींबू के रस में कुछ मिनट तक नाखून डुबोकर रख सकते हैं। इसके बाद साफ पानी से धोकर मॉइस्चराइज़र जरूर लगाएं, ताकि नाखून और क्यूटिकल्स सूखे नहीं।
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बेकिंग सोडा और पानी का पेस्ट: इसके अलावा बेकिंग सोडा और पानी का गाढ़ा पेस्ट बनाकर नाखूनों पर हल्के हाथों से लगाने से भी दाग कम हो सकते हैं। यह एक तरह का सौम्य स्क्रब की तरह काम करता है, जो सतह पर जमे रंग को धीरे-धीरे हटाने में मदद करता है। हालांकि इस उपाय को बहुत ज्यादा बार न दोहराएं, क्योंकि इससे नाखून की ऊपरी परत कमजोर हो सकती है।
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तेल लगाएं: रंग हटाने के बाद नाखूनों की देखभाल करना भी बेहद जरूरी है। होली के रंग अक्सर नाखूनों को रूखा और कमजोर बना देते हैं, इसलिए बाद में नारियल तेल या बादाम तेल से हल्की मसाज करने से नाखूनों को पोषण मिलता है और उनकी प्राकृतिक चमक लौटने में मदद मिलती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।