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तुलसी के पौधे में दही डालने से क्या होता है? यहां जानें

 Written By: Ritu Raj
 Published : May 19, 2026 07:31 am IST,  Updated : May 19, 2026 07:31 am IST

हर घर के आंगन में आपको तुलसी का पौधा मिलेगा, लेकिन गर्मियों में तुलसी के पौधे जल्दी सूख जाते हैं। ऐसे में इसे हरा भरा रखने के लिए लोग तमाम तरह के उपाय करते हैं। इन्हीं में से एक है तुलसी के पौधे में दही डालना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसी के पौधे में दही डालने से क्या होता है।

तुलसी के पौधे में दही डालने से क्या होता है? - India TV Hindi
तुलसी के पौधे में दही डालने से क्या होता है? Image Source : INDIA TV

तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में न केवल बेहद पवित्र और पूजनीय माना गया है, बल्कि आयुर्वेद और विज्ञान में भी इसका विशेष महत्व हैं। अक्सर लोग तुलसी को हरा-भरा और स्वस्थ रखने के लिए तरह-तरह के घरेलू उपाय अपनाते हैं। इन्हीं उपायों में से एक है तुलसी के पौधे में दही या छाछ डालना। लेकिन क्या आपको मालूम है कि तुलसी के पौधे में दही या छाछ डालने से क्या होता है। आइए जानते हैं कि तुलसी के पौधे में दही डालने से क्या होता है। 

1. मिट्टी को मिलते हैं पोषक तत्व

दही और छाछ में प्रचुर मात्रा में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया मिट्टी के लिए 'गुड बैक्टीरिया' का काम करते हैं। जब इसे सही तरीके से तुलसी की जड़ों में डाला जाता है, तो यह मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाता है, जिससे तुलसी का पौधा तेजी से बढ़ता है और उसकी पत्तियां हरी-भरी रहती हैं।

2. कीड़े-मकोड़ों और फंगस से बचाव
तुलसी के पौधे में अक्सर फंगस या काले कीड़े लग जाते हैं, जिससे पत्तियां झड़ने लगती हैं। खट्टी छाछ या दही का पानी एक नेचुरल फंगिसाइड का काम करता है। अगर आप खट्टी छाछ को पानी में मिलाकर तुलसी के पत्तों पर स्प्रे करते हैं, तो यह पत्तों को कीड़े-मकोड़ों से बचाता है।

इन बातों का रखें ध्यान

सीधे गाढ़ा दही न डालें 
कभी भी सीधा गाढ़ा दही या मलाई वाला दही तुलसी के गमले में न डालें। इससे मिट्टी की हवा रुक जाएगी, फंगस लग जाएगी और जड़ें सड़ सकती हैं।

हमेशा पतला करके डालें
एक चम्मच दही या छाछ को कम से कम 1 से 2 लीटर पानी में अच्छी तरह मिलाकर ही पौधे की जड़ में डालें।

हफ्ते में सिर्फ एक बार
इसका इस्तेमाल रोज-रोज न करें। हफ्ते या 15 दिन में एक बार ही इसका इस्तेमाल करें।

नमक और चीनी से दूर रहें
ध्यान रहे कि दही या छाछ में नमक, चीनी या कोई मसाला न मिला हो। सादा और थोड़ा खट्टा दही इसके लिए बेस्ट माना जाता है। 

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