हेल्थ डेस्क: अगर हम पूरी दुनिया की बात करें, तो सबसे ज्यादा फेफड़े के कैंसर वाले केस सामने आते है। पूरे विश्व में यह कैंसर प्रतिवर्ष 0.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। 5 से 15 प्रतिशत मामलों में इसके लक्षण दिखाई नही देते।व्यक्ति के शरीर में फेफड़े का मुख्य काम है। हवा को ऑक्सीजन से अलग करके खून तक पहुंचाना। इसके साथ ही हमारे शरीर में जो कार्भन डाई ऑक्साइड उत्सर्जित होती है। उसे बाहर निकालना। अगर आपके फेफड़ो में इंफेक्शन हो गया, तो यह ठीक ढंग से काम नहीं करते है। जो कि आगे बढ़कर कैंसर का रुप ले लेती है।ये भी पढ़े:दुनिया की सबसे वजनी महिला का निधन, मोटापा कम कराने वाली इस सर्जरी के है जानलेवा नुकसानओवेरियन कैंसर के इन लक्षणों को जरुर जानें, महिलाएं ऐसे करें खुद का बचाव1 महीने पहले ही हार्ट अटैक के मिलने लगते है ये संकेत, रहें सतर्क30 की उम्र में दिखने लगते है ब्रेस्ट कैंसर के ये लक्षण, महिलाएं ऐसे करें खुद का बचावक्या है फेफड़ो का कैंसरफेफड़ों के कैंसर में कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि होती है, जो सबसे अधिक ब्रांकाई में शुरू होती है। जो कि धीरे-धीरे पूरे फेफड़े के ऊतकों में फैलती है।इस कारण होता है ये कैंसरइस कैंसर का होने का मुख्यकारण धूम्रपान भी माना जाता है। जब आप स्मोकिंग करते है, तो केवल सिगरेट पीन वालों को नहीं बल्कि इसके धुएं के संपर्क में आने से भी आपको ये समस्या हो सकती है।अगर आप अधिक मात्रा में शराब का सेवन करते है, तो आपको यह समस्या हो सकती है। इसके अलावा अगर शराब के साथ सिगरेट पी तो यह समस्या कई गुना और बढ़ जाती है।जो लोग एस्बेस्टोस में काम करते है। उन्हें फेफड़ों के कैंसर होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है।फेफड़े के कैंसर का खतरा परमाणु विस्फोट जैसी घटनाओं के कारण भी हो सकता है।अगली स्लाइड में पढ़े संकेत और बचने के उपायमिलने लगते है पहले से ये संकेतलगभग सभी को कभी ना कभी खांसी और कफ की शिकायत हो सकती है लेकिन अगर ये लंबे समय से तक बनी रहे तो ये खतरनाक हो सकता है।खांसते समय कफ में खून आना। ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास आएं।कई बार कान बंद हो जाना या फिर आवाज आना।सांस लेने में दिक्कत होना।सीने में या फिर हड्डियों में दर्द होना।सीने में अक्सर इंफेक्शन होना।खाना निगलने में परेशानी होना।तेजी से वजन घटना।आवाज का कर्कश होना।भूख न लगना।अगली स्लाइड में पढ़े बचने के उपायबचावहो सके तो कम से कम धूम्रपान करें।एल्कोहॉल का सेवन कम करें।एस्बेस्टोस के संपर्क में ज्यादा देर न रहें।