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कहीं आप ज्यादा शुगर का तो सेवन नहीं करते, पुरुषों के लिए हो सकता है जानलेवा

 Edited By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Sep 24, 2017 01:00 pm IST,  Updated : Sep 24, 2017 08:44 pm IST

हाल में हुए एक शोध में ये बात सामने आई कि ज्यादा शुगर खाने से पुरुषों को कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। जानिए क्या है इस शोध में...

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हेल्थ डेस्क: भागदौड़ भरी लाइफ में हम अपना जरा सा भी ख्याल नहीं रख पाते है। जिसके कारण जो हमें मिलता अपनी भूख मिटाने के लिए वह खाना खा लेते है। जिसके कारण हमें बाद में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी तरह अधिक मात्रा में शुगर का सेवन करना आपके लिए भारी पड़ सकता है। हाल में ही एक शोध हुआ जिसमें ऐसे निष्कर्ष निकला जिसे सुन आप हैरान रह जाएगे।

हाल में हुए इस शोध के अनुसार अत्यधिक मीठा खाने से आपको अवसाद के साथ-साथ बेचैनी की समस्या हो सकती है। खासतौर में ये समस्या पुरुषों में देखी गई है। शोधकर्ताओं ने शोध में पाया कि अगर पुरुष शुगर का ज्यादा सेवन करते है तो उन्हें मानसिक विकास का खतरा बढ़ जाता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन की शोधकर्ता अनिका के अनुसार चीनी की अधिकता वाले आहार और पेय पदार्थ स्वास्थ्य पर कई प्रकार के नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसका बुरा असर ब्रेन पर पड़ता है, जिससे मानसिक विकार पैदा हो सकते हैं।

शोध में पाया गया है कि चीनी की अधिकता वाले खाद्य और पेय पदार्थ इसके अहम कारक हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि जो पुरुष प्रतिदिन 67 ग्राम से अधिक मात्रा में चीनी का सेवन कर रहे थे, पांच साल बाद उनमें अवसाद और बेचैनी जैसे विकार पैदा होने का खतरा सामान्य लोगों के मुकाबले 23 फीसदी ज्य़ादा बढ़ गया।

माइग्रेन भी होने के आसार

अमेरिका में हुए एक अध्ययन में इसके संकेत मिले हैं, जिसके बाद शोधकर्ताओं को इस रोग का प्रभावी उपचार खोजे जाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। शोध में पाया गया है कि माइग्रेन का तंत्रिका तंत्र से विशेष संबंध नहीं है बल्कि यह सूजन या इन्फ्लेमेशन की सामान्य प्रक्रियाओं से जुड़ा हो सकता है। इसलिए सूजन संबंधी रोगों के लिए विकसित किए गए उपचारों के जरिये माइग्रेन को शांत किया जा सकता है।

अध्ययन से इसके संकेत भी मिले हैं कि आईबीएस, सिस्टाइटिस व यूरेथ्राइटिस जैसे रोगों के पनपने में प्रतिरक्षा तंत्र के एक घटक की भूमिका होती है। शोध में 1.30 लाख परिवारों के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद वे इस नतीजे पर पहुंचे।

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