कामाख्या मंदिर के बारें में ये 10 रहस्य जान दंग रह जाएगें आप
कामाख्या मंदिर के बारें में ये 10 रहस्य जान दंग रह जाएगें आप
India TV Lifestyle Desk
Published : Apr 09, 2016 08:34 am IST,
Updated : Apr 09, 2016 08:40 am IST
धर्म पुराणों के अनुसार माना जाता है कि इस जगह भगवान शिव का मां सती के प्रति मोह भंग करने के लिए विष्णु भगवान ने अपने चक्र से माता सती के 51 भाग किए थे जहां पर यह भाग गिरे वहां पर माता का एक शक्तिपीठ बन गया। इसी कारण यहां पर माता की योनि गिरी...
kamakhya temple
यहां पर कोई भी मूर्ति नहीं स्थापित है। इस जगह पर एक समतल चट्टान के बीच बना विभाजन देवी की योनि का दर्शाता है। एक प्रकृतिक झरने के कारण यह जगह हमेशा गीला रहता है। इस झरने के जल को काफी प्रभावकारी और शक्तिशाली माना जाता है। माना जाता है कि इस जल के नियमित सेवन से आप हर बीमारी से निजात पा सकते है।
यहां पर पशुओं की बलि दी जाती ही हैं। भैंस और बकरें की बलि तो आम है, लेकिन यहां पर किसी मादा जानवर की बलि नहीं दी जाती है। इसके साथ ही मान्यता है कि मां को प्रसन्न करने के लिए आप कन्या पूजन और भंडारा करा सकते है। जिससे आपकी हर मोनकामना पूर्ण हो जाएगी।
इस जगह को तंत्र साधना के लिए सबसे महत्वपूर्ण जगह मानी जाती है। यहां पर साधु और अघोरियों का तांता लगा रहता है। यहां पर अधिक मात्रा में काला जादू भी किया जाता ह। अगर कोई व्यक्ति काला जादू से ग्रसित है तो वह यहां आकर इस समस्या से निजात पा सकता है।
कामाख्या के तांत्रिक और साधू चमत्कार करने में सक्षम होते हैं। कई लोग विवाह, बच्चे, धन और दूसरी इच्छाओं की पूर्ति के लिए कामाख्या की तीर्थयात्रा पर जाते हैं। कहते हैं कि यहां के तांत्रिक बुरी शक्तियों को दूर करने में भी समर्थ होते हैं। हालांकि वह अपनी शक्तियों का इस्तेमाल काफी सोच-विचार कर करते हैं।