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Maha Shivartri 2018: सता रहा है अकाल मृत्यु का भय, तो महाशिवरात्रि को भगवान शिव के इस मंत्र का करें जाप

 Written By: Shivani Singh @lastshivani
 Published : Feb 12, 2018 04:52 pm IST,  Updated : Feb 12, 2018 04:52 pm IST

Maha Shivartri 2018:भगवान शिव को खुश करने का मंत्र है। इसके प्रभाव से इंसान मौत के मुंह में जाते-जाते बच जाता है, मरणासन्न रोगी भी महाकाल शिव की अद्भुत कृपा से जीवन पा लेता है। जानिए इस मंत्र के बारें में...

maha shivratri 2018- India TV Hindi
maha shivratri 2018

Maha Shivartri 2018: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का बहुत अधिक महत्व होता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव अपने हर भक्त की मनोकामना पूर्ण करते हैं। बस उनकी पूजा सच्चे मन से की गई हो।  

इस दिन शिव के हर मंदिर में में भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है। चारों तरफ सिर्फ शिव के ही जयकारे सुनाई देते है। इस दिन कई लोग व्रत भी रखते हैं। अगर आप व्रत नहीं रख सकते हैं, तो कोई बात नहीं बस सच्चे मन से पूजा कर आप फल प्राप्त कर सकते है।

कई बार होता है कि हमें अकाल मृत्यु का भय सताने लगता है। कई बार ये इतना बढ़ जाता है कि हम घर से बाहर मिकलने से भा कतराने लगते है। अगर आपके साथ ही कुछ ऐसा हो रहा है तो भगवान शिव के इस मंत्र का जाप करें। आपको हर डर से निजात मिल जाएगा।

मंहाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इससे आपकी हर परेशानियों से निजात मिल जाएगा। महामृत्युंजय भगवान शिव को खुश करने का मंत्र है। इसके प्रभाव से इंसान मौत के मुंह में जाते-जाते बच जाता है, मरणासन्न रोगी भी महाकाल शिव की अद्भुत कृपा से जीवन पा लेता है। बीमारी, दुर्घटना, अनिष्ट ग्रहों के प्रभावों से दूर करने, मौत को टालने और आयु बढ़ाने के लिए सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र जप करने का विधान है।  

महाशिवरात्रि में ऐसे करें मंत्र का जाप

सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करें। स्नान करने के बाद साफ स्थान में बैठकर इस मंत्र का जाप करें। साथ ही मंत्र ध्यान मग्न होकर करें।

ऊं त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्‍धनान्। मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात्।।

इस मंत्र का मतलब है कि हम भगवान शिव की पूजा करते हैं, जिनके तीन नेत्र हैं, जो हर श्वास में जीवन शक्ति का संचार करते हैं और पूरे जगत का पालन-पोषण करते हैं।

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