Monday, February 02, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. मौलाना महमूद मदनी बोले- "जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा", सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाए सवाल

मौलाना महमूद मदनी बोले- "जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा", सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाए सवाल

जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने जिहाद को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि जिहाद हमेशा पवित्र था और रहेगा। जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा।

Reported By : Shoaib Raza Edited By : Rituraj Tripathi Published : Nov 29, 2025 02:41 pm IST, Updated : Nov 29, 2025 02:41 pm IST
Jihad- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV मौलाना महमूद मदनी

भोपाल: जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी अपने बयान की वजह से एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने भोपाल में जिहाद और कोर्ट के फैसलों को लेकर बयान दिया और सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद और तलाक के मामलों पर आए फैसलों से ऐसा लगता है कि अदालत, सरकार के दबाव में काम कर रही है।

मदनी ने कहा, "अदालतों के कई ऐसे फैसले सामने आए हैं जिन्होंने संविधान में मिले अल्पसंख्यकों के अधिकारों का खुला उल्लंघन किया है। 1991 के वरशिप एक्ट के बावजूद ज्ञानवापी और दूसरे मामलों में सनी होना इसका एक उदाहरण है।"

जिहाद को लेकर कही ये बात 

मदनी ने कहा, "आज जिहाद जैसे पवित्र शब्द को मीडिया और सरकार गलत तरीके से दुनिया के सामने पेश कर रहे हैं। जिहाद को लव जिहाद, थूक जिहाद, जमीन जिहाद जैसे शब्दों के साथ जोड़कर पेश किया जाता है। जिहाद हमेशा पवित्र था और रहेगा। जिस-जिस जगह पर भी कुरान में या दूसरी किताबों में जिहाद का जिक्र आया, वह हमेशा दूसरों की भलाई और बेहतरी के लिए आया। जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा। मैं फिर से इस बात को दोहराता हूं कि जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा।" 

मदनी ने कहा, "मैं ये साफ कर देना चाहता हूं कि भारत जैसे सेक्युलर देश में जहां जम्हूरी हुकूमत है, वहां जिहाद मौजूए बहस ही नहीं है। यहां मुसलमान संविधान की वफादारी के पाबंद हैं। यहां सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संविधान के मुताबिक नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करें और अगर वह ऐसा नहीं करती तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है।"

मुसलमानों को लेकर कही ये बात

मदनी ने कहा, "इस समय देश में 10% लोग ऐसे हैं जो मुसलमानों के फेवर में हैं। 30 फीसदी ऐसे हैं, जो मुसलमानों के खिलाफ हैं और 60% लोग ऐसे हैं जो खामोश हैं। मुसलमान को चाहिए कि जो 60% खामोश लोग हैं, उनसे बात करें। अपनी बातों को उनके सामने रखें। अपनी चीजों को उन्हें समझाएं। अगर यह 60% लोग मुसलमान के खिलाफ हुए तो फिर देश में बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा।"

सुप्रीम कोर्ट पर साधा निशाना

मौलाना महमूद मदनी ने कहा, "याद रखा जाए कि सुप्रीम कोर्ट उस वक्त तक ही सुप्रीम कहलाने का हकदार है, जब तक वहां संविधान की हिफाजत होगी। अगर ऐसा नहीं होगा तो अखलाक़ी तौर पर भी वो सुप्रीम कहलाने का हकदार नहीं है।"

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement