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प्लास्टिक नहीं... इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन में इस्तेमाल हो रही ‘GFRP’ की सरिया, लोहे से ज्यादा है मजबूत

 Published : Mar 17, 2026 06:41 pm IST,  Updated : Mar 17, 2026 06:44 pm IST

स्टील के सरियों की तुलना में GFRP की सरिया ज्यादा मजबूत हैं। जो कि जंगरोधी और टिकाऊ हैं। इनका आईआरसी कोड 137: 2022 की गाइडलाइन्स के अनुसार इस्तेमाल किया जा रहा है।

ग्लास फाइबर रीइनफोर्स्ड पॉलिमर (GFRP) से बनी हैं सरिया- India TV Hindi
ग्लास फाइबर रीइनफोर्स्ड पॉलिमर (GFRP) से बनी हैं सरिया Image Source : REPORTER INPUT

निर्माणाधीन इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन मार्ग को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें आरसीसी ड्रेनेज निर्माण में 'प्लास्टिक के सरिये' के उपयोग की भ्रामक जानकारी दी गई। जो पूरी तरह गलत है। दरअसल, इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन के निर्माण में आधुनिक तकनीक युक्त जीएफआरपी बार्स (सरिया) का इस्तेमाल किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने मौके का मुआयना कर स्पष्ट किया कि निर्माण में प्लास्टिक नहीं, बल्कि ग्लास फाइबर रीइनफोर्स्ड पॉलिमर (GFRP) से बने आधुनिक फाइबर सरियों का उपयोग किया जा रहा है। 

लोहे के सरियों की तुलना में बेहतर

यह उन्नत तकनीक के तहत प्रयुक्त सामग्री है, जो जंग-रोधी होने के साथ-साथ मजबूती और टिकाऊपन के मामले में पारंपरिक लोहे के सरियों की तुलना में बेहतर मानी जाती है और तथा निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप है।

प्रमाणित है जीएफआरपी सरियों का इस्तेमाल 

सड़क निर्माण संबंधी मानक इंडियन रोड्स कांग्रेस (IRC) कोड 137: 2022 की गाइडलाइन्स में सड़क परियोजनाओं में जीएफआरपी सरियों का इस्तेमाल प्रमाणित, सुरक्षित और अनुशंसित किया गया है। यह एक नई तकनीक है, जिसका इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित है और इसके उपयोग से गुणवत्ता भी प्रभावित नहीं होती। यही कारण है कि स्टील के सरियों की तुलना में इनका इस्तेमाल अधिक बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जीएफआरपी के सरिये, स्टील के परम्परागत सरियों की तुलना में अधिक टिकाऊ, मजबूत, जंगरोधी और हल्के वजन वाले होते हैं।

क्या है GFRP?

जीएफआरपी का पूरा नाम ग्लास फाइबर ही-इनफोर्ड पॉलिमर है। यह पारंपरिक लोहे (स्टील) की सरिया की जगह इस्तेमाल होने वाली आधुनिक निर्माण सामग्री है। इसे कांच के फाइबर और पॉलिमर रेजनि से बनाया जाता है। इसलिए इसे फाइबर सरिया भी कहा जाता है। यह बिजली और मैग्नेटिक फील्ड को कंडक्ट नहीं करती। इसका उपयोग पुल और फ्लाईओवर, समुद्री क्षेत्र या नमक वाले इलाके, पानी की टंकियां और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ सड़क और मेट्रो प्रोजेक्ट में किया जाता है।

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