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कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा पर अब ताप्ती के अपमान का आरोप, पुजारी बोले- आकर मांगे माफी

Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1 Published : Jul 01, 2024 06:38 am IST, Updated : Jul 01, 2024 06:46 am IST

कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा अब सूर्यपुत्री मां ताप्ती पर दिए गए विवादित को लेकर सूर्खियों में हैं। ताप्ती मंदिर मुलताई के पुजारी सौरभ जोशी ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा को तत्काल मां ताप्ती मंदिर आकर माफी मांगनी चाहिए।

कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा पर एक और आरोप- India TV Hindi
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा पर एक और आरोप

अपने विवादित प्रवचनों के लिए सुर्खियों में रहने वाले कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने राधा रानी पर दिए गए बयान पर हाल ही में वृंदावन पहुंचकर बरसाना मंदिर में नाक रगड़कर माफी मांगी थी। अभी ये विवाद ठंडा भी नहीं हुआ था कि ताजा मामले में सूर्यपुत्री मां ताप्ती पर दिए गए विवादित प्रवचन ने तूल पकड़ लिया है। 

पवित्र नगरी मुलताई और ताप्ती उद्गम स्थल के ताप्ती मंदिर मुलताई के पुजारी सौरभ जोशी ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा को तत्काल मां ताप्ती मंदिर आकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो हम सभी ताप्ती भक्त उनके खिलाफ आंदोलन करेंगे। जोशी ने रविवार को वीडियो जारी कर कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के दौरान कहा था कि ताप्ती महारानी भगवान कृष्ण पर मोहित हो गई थीं। इसी कारण यमुना ने उन्हें श्राप दिया था, जबकि इस बात का किसी भी शास्त्र में कोई जिक्र नहीं है।

"ताप्ती को यमुना ने दिया था श्राप"

दरअसल, पंडित मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे कहते दिख रहे हैं कि माता यमुना और उनकी छोटी बहन ताप्ती की आपस में कभी नहीं बनी। यमुना जी का नियम था कि जिस समय उनके घाट पर भगवान रास करेंगे, उस समय यमुना ठाकुर जी के श्री विग्रह पर आए पसीने को पोंछने के लिए जाएंगी। एक बार यमुना का रूप रखकर ताप्ती चली गईं। ताप्ती ने श्री विग्रह के पसीने को पोंछ दिया। इसी दौरान यमुना जी वहां पहुंचीं और ताप्ती को वहां देखा। यमुना जी को गुस्सा आ गया। उन्होंने पूछा तो ताप्ती ने कहा, मैं कृष्ण को अपना बनाना चाहती हूं। इस पर यमुना ने क्रोध में आकर ताप्ती को श्राप दिया कि किसी भी नदी में अस्थियां विसर्जित होंगी, तो उनको गलने में 44 दिन लगेंगे, लेकिन तेरे जल में वे तुरंत समाप्त हो जाएंगी। आज भी ताप्ती नदी में अस्थियों को डाला जाता है, तो वह डेढ़ घंटे के अंदर पानी में बह जाती है। पंडित प्रदीप मिश्रा का यह वीडियो दिसंबर 2022 का है, जब वे बैतूल में शिव पुराण कथा के लिए आए थे।

"अस्थियां जल्द घुलना ताप्ती की महिमा"

ताप्ती मंदिर के पुजारी सौरभ जोशी ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा ने गलत जानकारी देकर लोगों को गुमराह किया है। मां ताप्ती कभी भी इस प्रकार कृष्ण पर मोहित नहीं रहीं। ताप्ती के जल में अस्थियां उनकी महिमा की वजह से बाकी नदियों की तुलना में जल्द घुलती हैं। जोशी ने पंडित मिश्रा से मुलताई आकर ताप्ती महारानी का जल आचमन कर उनसे क्षमा याचना करने की मांग की है। उन्होंने सभी ताप्ती भक्तों से भी विरोध-प्रदर्शन करने की अपील की है। (रिपोर्ट- मयंक भार्गव)

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