Sunday, March 08, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. अटल जयंती के मौके पर एमपी को PM मोदी की सौगात, केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का किया शिलान्यास

अटल जयंती के मौके पर एमपी को PM मोदी की सौगात, केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का किया शिलान्यास

Reported By : Anurag Amitabh Edited By : Khushbu Rawal Published : Dec 25, 2024 06:40 am IST, Updated : Dec 25, 2024 01:42 pm IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खजुराहो में देश की पहली महत्वाकांक्षी और बहुउद्देशीय केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास करेंगे। देश को नदी जोड़ो की परिकल्पना देने वाले वाजपेयी की जयंती पर यह मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात होगी।

Ken-Betwa river linking- India TV Hindi
Image Source : X केन-बेतवा लिंक परियोजना

आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती है और इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मध्यप्रदेश के दौरे पर हैं जहां वह केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की आधारशिला रखी। पीएम मोदी ने खजुराहो में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना के अंतर्गत देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे लाखों किसान परिवारों को लाभ मिलेगा।

मार्च 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य

इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। इसके साथ ही, जलविद्युत परियोजनाएं हरित ऊर्जा में 100 मेगावाट से अधिक का योगदान देंगी। इस परियोजना से लोगों को रोजगार के मौके भी मिलेंगे। पीएम मोदी की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मार्च 2030 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण, प्रभावित लोगों को मुआवजा देने, पर्यावरण से मंजूरी लेने का काम चल रहा है।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी.आर. पाटिल भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। पीएम मोदी आज दोपहर 12:10 बजे खजुराहो आएंगे और दोपहर 2:20 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

सिंचाई के साथ पेयजल की सुविधा

पीएम मोदी द्वारा इस परियोजना के शिलान्यास के साथ ही वाजपेयी का नदी जोड़ो का सपना मध्यप्रदेश में मूर्त रूप लेगा। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, देश में भूमिगत दाब युक्त पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाली सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश के 10 जिलों छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर में 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 44 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे।

फसलों के उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से हरित ऊर्जा में 103 मेगावॉट योगदान के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बेहतर जल प्रबंधन एवं औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त जल आपूर्ति से औद्योगिक विकास होगा और रोजगार को बढ़ावा भी मिलेगा।

MP की 44 लाख और यूपी की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा

इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में 59 हजार हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जायेगा, जिससे उत्तर प्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना से मध्य प्रदेश की 44 लाख और उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी।

ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना

पीएम मोदी खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित फ्लोटिंग सौर परियोजना का लोकार्पण करेंगे। परियोजना के प्रथम चरण में इस वर्ष अक्टूबर माह से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो गया है। परियोजना के द्वितीय चरण की 240 मेगावॉट क्षमता के लिए मपीपीएसीए से आवश्यक सहमति उपरांत चयनित विकासक "सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड" से अनुबंध हस्ताक्षरित किया जाना प्रस्तावित है। पुण्य सलिला माँ नर्मदा के ऊपर ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सौर परियोजना को प्रदेश की जनता को समर्पित करना प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ग्रीन ऊर्जा के प्रति सरकार के सतत प्रयासों को प्रदर्शित करता है।

अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन

प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश में 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों का भूमि-पूजन कर प्रथम किश्त का वितरण भी करेंगे। प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतों में से भवन विहीन, जीर्ण-शीर्ण भवन और अनुपयोगी 2500 ग्राम पंचायतों को नवीन भवन की स्वीकृति के लिये चिन्हित किया गया है। प्रारंभिक चरण में 1153 नवीन पंचायत भवनों के लिये 437.62 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी का मत था कि पंचायत भवन, ग्राम पंचायत की सर्वाधिक मूल एवं महत्वपूर्ण अधोसरंचना है। इन भवनों की ग्राम पंचायतों के व्यवहारिक रूप से कार्य एवं दायित्वों के संवहन और कार्य संपादन में महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्यप्रदेश सरकार ने पंचायतों को सशक्त करने के लिये समस्त ग्राम पंचायतों में नवीन पंचायत भवन एवं क्लस्टर स्तर पर क्लस्टर पंचायत भवन स्वीकृत करने का निर्णय लिया है।

यह भी पढ़ें-

इनकम टैक्स और लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई के बाद CM मोहन यादव का बयान, दिया बड़ा संदेश

उज्जैनः महाकाल मंदिर में दर्शन के नाम पर भक्तों के साथ धोखाधड़ी, ऑनलाइन खातों में डलवाए रुपए

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement