मध्य प्रदेश के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे पर रेलवे ओवरब्रिज गिरने से बड़ा हादसा हो गया। यहां शाहपुरा के पास रेलवे ओवर ब्रिज का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। NH-45 पर हुए इस हादसे के बाद ट्रैफिक जाम हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त ब्रिज के पास कोई गाड़ी खड़ी नहीं थी।
दिसंबर में ढहा था ब्रिज का एक और हिस्सा
जहां ओवर ब्रिज टूट कर गिरा है, उसके पास ही रेलवे क्रॉसिंग हैं। यह ब्रिज रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर ही बनाया गया है। दिसंबर महीने में इसी ब्रिज का एक और हिस्सा भी टूटकर गिरा था। एमपी की राजधानी भोपाल को जबलपुर से जोड़ने वाले एनएच-45 पर हादसे के बाद जाम के हालात बन गए।

4 साल पहले ही बना था ओवरब्रिज
यह ओवरब्रिज जबलपुर को भोपाल से जोड़ता है और करीब चार साल पहले ही तैयार हुआ था। बांगड़ कंपनी ने इसका निर्माण कराया था और 391 करोड़ रुपये इसकी लागत आई थी। इसका निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था और 2022 में काम पूरा हुआ था। ब्रिज का एक हिस्सा कई महीनों से क्षतिग्रस्त था, जिस कारण यातायात केवल एक हिस्से से संचालित हो रहा था। अब दूसरा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो जाने से स्थिति गंभीर हो गई है।
प्रशासन ने तुरंत यातायात को शहपुरा शहर के अंदर से डायवर्ट किया, जिससे इलाके में गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लगातार ब्रिज की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे थे। इस घटना ने पीडब्ल्यूडी और मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के कामकाज की असलियत उजागर कर दी है। गौरतलब है कि भोपाल में बने 90 डिग्री ब्रिज के निर्माण को लेकर भी प्रदेश के पीडब्ल्यूडी की देशभर में किरकिरी हुई थी। अब जबलपुर का यह हादसा एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यह घटना न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रही है बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी बड़ा सवाल छोड़ गई है।
(रिपोर्ट- देबाजीत देब)
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